प्रवेश वर्मा पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, AAP ने FIR की मांग को लेकर किया प्रदर्शन; पुलिस ने साहिब सिंह की शिकायत पर NCR दर्ज की
नई दिल्ली: दिल्ली के विकासपुरी-तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव में बदल गया है। विवाद उस समय बढ़ गया जब लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को लेकर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई और FIR की मांग की।
इसी मांग को लेकर AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विकासपुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में DCP ऑफिस की ओर मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
सड़क की गुणवत्ता को लेकर क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत पश्चिमी दिल्ली में नई बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर हुई। AAP विधायक जरनैल सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। सामने आए वीडियो में सड़क की ऊपरी परत को हाथ से हटाते हुए भी दिखाया गया।
इसी दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा मौके पर निरीक्षण कर रहे थे। साहिब सिंह नाम का युवक मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहा था। सामने आए वीडियो में वर्मा युवक का मोबाइल नीचे करते और उसके बाद उसे थप्पड़ मारते हुए दिखाई देते हैं।
AAP का आरोप है कि साहिब सिंह सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठा रहा था। साहिब सिंह ने भी कहा कि वह घटना की रिकॉर्डिंग कर रहा था और उसने मंत्री के परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।
प्रवेश वर्मा ने क्या सफाई दी?
प्रवेश वर्मा ने वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो घटना का पूरा संदर्भ नहीं दिखाता।
वर्मा के मुताबिक, उनके साथ मौजूद लोगों और AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को लेकर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि AAP विधायक जरनैल सिंह सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार से कमीशन की मांग को लेकर PWD अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे।
वर्मा ने दावा किया कि सड़क का काम बाधित किया जा रहा था और इसी को लेकर विवाद हुआ। ये प्रवेश वर्मा द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
पुलिस के पास पहुंचीं पांच शिकायतें
विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 28 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में कुल पांच शिकायतें मिली हैं।
इनमें एक शिकायत साहिब सिंह की है, जिसमें उन्होंने प्रवेश वर्मा पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। इसके अलावा PWD कर्मियों की ओर से जरनैल सिंह और अन्य के खिलाफ दो शिकायतें तथा बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से वर्मा के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर दो शिकायतें दी गईं।
पुलिस ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है।
अब FIR नहीं, NCR दर्ज होने की जानकारी
शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि मामले में FIR दर्ज नहीं हुई है और शिकायतों की जांच की जा रही है। बाद में 28 सितंबर की शाम पुलिस ने साहिब सिंह की शिकायत पर प्रवेश वर्मा के खिलाफ Non-Cognisable Report (NCR) दर्ज की।
रिपोर्ट में स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से जुड़ी धारा के तहत कार्रवाई की गई है। NCR और FIR में कानूनी प्रक्रिया अलग होती है; NCR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि मामले में FIR दर्ज हो गई है।
FIR की मांग को लेकर विकासपुरी थाने पहुंचे AAP नेता
AAP ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विकासपुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का कहना था कि घटना का वीडियो सामने है और शिकायत भी दी जा चुकी है, इसलिए प्रवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए।
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह समेत कई नेता थाने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने DCP ऑफिस की ओर मार्च करने का फैसला किया। इसी दौरान पुलिस ने सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
AAP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह AAP का आरोप है।
मामले में राजनीतिक टकराव भी बढ़ा
घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। AAP ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि वर्मा ने अपने बचाव में घटना का दूसरा पक्ष सामने रखा और AAP नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
बीजेपी की ओर से भी वर्मा का बचाव किया गया और घटना को लेकर खेद जताते हुए विवाद की परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए।
फिलहाल पुलिस के पास कई शिकायतें हैं और साहिब सिंह की शिकायत पर NCR दर्ज की जा चुकी है। सड़क की गुणवत्ता, मौके पर हुई झड़प और दोनों पक्षों की शिकायतों से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।


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