Tuesday, 27 October 2026
नजर सच पर
द पब्लिक लेंस मैगज़ीन सितंबर 2026 का कवर

द पब्लिक लेंस मैगज़ीन

हर महीने, देश से जुड़ी असली कहानियां

राजनीति | समाज | शिक्षा | स्वास्थ्य | टेक्नोलॉजी | ग्राउंड रिपोर्ट | विचार

अभी पढ़ें ›
ताज़ा खबरों के लिए हमारे साथ जुड़ें
BREAKING NEWS
लखनऊ BKT फॉर्मेलिन टैंकर हादसा, टैंकर पलटने का CM योगी ने लिया संज्ञान; राहत-बचाव तेज करने के निर्देश 27 अक्टूबर 2026 का मूलांक: अंक ज्योतिष से जानें मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत भविष्यफल 27 अक्टूबर 2026 राशिफल: मेष से मीन तक जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल, करियर और धन के मामले में कैसा रहेगा दिन? यूपी MLC चुनाव: कल सुबह 8 बजे से मतगणना, 11 सीटों के नतीजों पर रहेगी नजर गुवाहाटी के होटल के पास अंधाधुंध फायरिंग, 4 लोगों की मौत की पुष्टि; कई घायल आगरा MLC चुनाव में 6 अफसरों के निलंबन के निर्देश, 21 अन्य पर भी कार्रवाई; अभय सिंह पर्यवेक्षक पद से हटाए गए अमेठी के 54 किसान श्रीअन्न की खेती सीखने जबलपुर रवाना, आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी आमदनी की संभावना गाजियाबाद: अखिलेश यादव के बयान के विरोध में उत्तराखंड भ्रातृ समिति का प्रदर्शन, पुतला दहन कर सौंपा ज्ञापन अमेठी: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने इसौली घाट का किया निरीक्षण SSB लखनऊ में अंतर-सीमांत लॉन टेनिस प्रतियोगिता के शुभंकर ‘लक्ष्य’ का अनावरण, 28 अक्टूबर से मुकाबले
State · October 9, 2026 · admin

अमेठी: शाहगढ़ ब्लॉक में बीडीओ की गैरमौजूदगी से परेशान फरियादी, खाली कुर्सी देख लौटे

शाहगढ़ ब्लॉक बीडीओ कार्यालय में खाली कुर्सी

प्रवीण कुमार सिंह की अनुपस्थिति पर उठे सवाल, ग्रामीणों मनोरमा, गायत्री और विनोद ने बताई परेशानी; बीडीओ बोले- तहसील आया हूं

अमेठी। शाहगढ़ ब्लॉक में बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने परेशानी जताई है। विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े काम लेकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने वाले फरियादियों का कहना है कि अधिकारी से मुलाकात नहीं होने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। ग्रामीणों ने कार्यालय में अधिकारियों की उपलब्धता और उनकी अनुपस्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

खाली कुर्सी, फरियादियों को नहीं मिला जवाब

ग्रामीणों के मुताबिक, दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी शिकायतों और जरूरी कामों के निस्तारण की उम्मीद लेकर शाहगढ़ ब्लॉक पहुंचते हैं। लेकिन बीडीओ के कार्यालय में नहीं मिलने पर उन्हें इंतजार करना पड़ता है या वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी के आने के समय के बारे में पूछने पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। इससे लोगों का समय और पैसा खर्च होने के बावजूद काम नहीं हो पाता।

मनोरमा ने बताई परेशानी

मनोरमा के मुताबिक, वह अपनी समस्या लेकर बीडीओ कार्यालय पहुंची थीं। काफी देर इंतजार करने के बाद भी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। कर्मचारियों से पूछने पर भी उनके आने का स्पष्ट समय नहीं बताया गया, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।

गायत्री बोलीं, बार-बार लगाने पड़ते हैं चक्कर

गायत्री ने बताया कि वह जरूरी काम के लिए बीडीओ से मिलने पहुंची थीं, लेकिन प्रवीण कुमार सिंह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनका कहना है कि संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेने की कोशिश के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी ग्रामीणों को कई बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

विनोद ने उठाई जवाबदेही की मांग

विनोद के मुताबिक, ग्रामीण अपना समय और पैसा खर्च करके ब्लॉक कार्यालय पहुंचते हैं। यदि अधिकारी नहीं मिलते तो उन्हें दोबारा आना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि कार्यालय में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अधिकारी की अनुपस्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी बैठक या किसी सरकारी काम से बाहर हों तो फरियादियों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही, उनकी अनुपस्थिति में शिकायतों और जरूरी कामों को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर कार्यालय में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और अनुपस्थिति की स्थिति में जिम्मेदार कर्मचारी की व्यवस्था करने की मांग की है।

बीडीओ ने बताया- तहसील आया हूं

बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि वह काम से संबंधित कार्य के लिए तहसील आए हुए हैं। उनका यह पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी अनुपस्थिति को नियमित या जानबूझकर गैरमौजूदगी कहना उचित नहीं होगा। कार्यालय में उनकी उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्थिति संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *