लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज लखनऊ में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी खुद क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और शिकायत लेकर आने वाले हर व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब दिया जाए।
महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति केंद्र सक्रिय करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत के मुताबिक उन्हें सहायता, परामर्श और कानूनी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने को कहा। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना है।
प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी
शारदीय नवरात्र को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विंध्याचल धाम, मीरजापुर; देवीपाटन शक्तिपीठ, बलरामपुर; मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ, सहारनपुर; और मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य, सीतापुर समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन धार्मिक स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सके।
शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम
मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, प्रशिक्षित गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
CCTV, ड्रोन और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी करने के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें नहीं लगने दी जाएं। इसके अलावा, परिवहन विभाग को यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें चलाने और बस स्टेशनों पर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
खाद की कालाबाजारी पर रोक, किसानों को मिले पर्याप्त उपलब्धता
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जाए और कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे स्थानीय जरूरतों के मुताबिक खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय रहते जानकारी दें, ताकि किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो।
अतिवृष्टि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत
मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे के भीतर बारिश से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि प्रभावित परिवारों को आवास संबंधी सहायता मिल सके।
अधिकारियों को जनता के बीच रहने का निर्देश
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पर्व-त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, धार्मिक स्थलों पर इंतजाम, किसानों को खाद की उपलब्धता और बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत देने जैसे विषयों पर जोर रहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में जाकर जनता की समस्याएं सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। खास तौर पर नवरात्र से छठ तक सुरक्षा, सुविधाओं और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।



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