कौशांबी के शॉप्रिक्स मॉल के पास निकाली गई जागरूकता यात्रा, महिला वॉलंटियर फोर्स की सदस्य हुईं शामिल; राजकरन नैय्यर और डीसीपी ऋजुल रहे मौजूद
गाजियाबाद: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गाजियाबाद मिशन शक्ति पैदल मार्च निकाला गया। कौशांबी स्थित शॉप्रिक्स मॉल के पास आयोजित इस जागरूकता यात्रा में पुलिसकर्मियों के साथ महिला वॉलंटियर फोर्स (MVF) की सदस्य भी शामिल हुईं। अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी उपायों, उनके अधिकारों और जरूरी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैय्यर और डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल मौजूद रहे। गाजियाबाद मिशन शक्ति पैदल मार्च का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस तथा संबंधित सहायता सेवाओं तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना था। पुलिस की ओर से महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस तत्पर है।
नवरात्रि पर मिशन शक्ति के तहत जागरूकता पहल
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए यह यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिला वॉलंटियर फोर्स की सदस्यों ने पुलिसकर्मियों के साथ मार्च में हिस्सा लिया। सार्वजनिक स्थान पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं और शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी दी जाती है।
राजकरन नैय्यर और डीसीपी ऋजुल रहे मौजूद
कौशांबी में आयोजित पैदल मार्च में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैय्यर और डीसीपी ऋजुल की मौजूदगी रही। पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े संदेश दिए गए।
कार्यक्रम में शामिल महिला वॉलंटियर फोर्स की सदस्यों ने भी जागरूकता अभियान में भागीदारी की। इस तरह पुलिस और महिला वॉलंटियर फोर्स ने मिलकर महिला सुरक्षा से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाने की पहल की।
महिलाओं और बालिकाओं को बताए अधिकार और हेल्पलाइन
जागरूकता मार्च के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और जरूरत के समय इस्तेमाल की जा सकने वाली हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया गया। महिलाओं को यह समझाने पर जोर दिया गया कि किसी परेशानी या असुरक्षित स्थिति का सामना करने पर वे सहायता लेने के लिए उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल कर सकती हैं।
महिला सुरक्षा से जुड़ी जानकारी का प्रसार ऐसे कार्यक्रमों का प्रमुख हिस्सा है। सही हेल्पलाइन की जानकारी होने से जरूरत के समय पुलिस या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने सुरक्षा को लेकर दिया भरोसा
मार्च के दौरान पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के प्रति तत्पर रहने का भरोसा दिया गया। अभियान का संदेश था कि महिलाएं और बालिकाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में सहायता लेने से न हिचकें।
महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने में पुलिस, महिला वॉलंटियर फोर्स और समुदाय की भागीदारी अहम मानी जाती है। मिशन शक्ति के तहत निकाली गई यह यात्रा भी इसी दिशा में एक पहल रही।
महिला सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी सहायता के लिए उपलब्ध प्रमुख नंबरों में शामिल हैं:
- 112: आपातकालीन सहायता
- 1090: उत्तर प्रदेश पुलिस महिला पावर लाइन
- 181: महिला हेल्पलाइन
- 1098: बाल सहायता हेल्पलाइन
आपातकालीन स्थिति में संबंधित सेवा से संपर्क करें। हेल्पलाइन का इस्तेमाल स्थिति और जरूरत के अनुसार किया जा सकता है।
निष्कर्ष: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र में मिशन शक्ति के तहत निकाला गया पैदल मार्च महिला सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल रहा। पुलिस अधिकारियों और महिला वॉलंटियर फोर्स की भागीदारी के साथ महिलाओं तथा बालिकाओं को हेल्पलाइन और सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।



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