बलिया: पविन सिंह ज्योति सिंह विवाद: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता और गायक पवन सिंह तथा उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद में नया मोड़ सामने आया है। 18 अक्टूबर को फैमिली कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ उपस्थित हुईं, जबकि पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। दी गई जानकारी के अनुसार, पवन सिंह की गैरहाजिरी पर अदालत ने तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

अदालत की सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से चल रहे विवाद के कारण अब उनके सब्र की सीमा समाप्त हो रही है। ज्योति सिंह ने यह भी कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।

पवन सिंह की गैरहाजिरी पर अदालत ने लगाया 3 हजार रुपये का हर्जाना
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद की सुनवाई फैमिली कोर्ट में हुई। इस दौरान ज्योति सिंह अपने वकीलों के साथ अदालत पहुंचीं, लेकिन पवन सिंह उपस्थित नहीं हुए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी लगातार गैरहाजिरी को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया और तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया।
इस सुनवाई के बाद मामले में अगली तारीख 12 नवंबर तय की गई है। अब अगली पेशी पर दोनों पक्षों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और समझौते को लेकर क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर रहेगी।
ज्योति सिंह ने लगाए आरोप, सास की बीमारी का भी किया जिक्र
अदालत से बाहर आने के बाद ज्योति सिंह ने पवन सिंह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में पेशी से छूट लेने के लिए पवन सिंह की ओर से उनकी मां की बीमारी का हवाला दिया गया था। ज्योति सिंह का दावा है कि उनकी सास अस्पताल से पहले ही डिस्चार्ज हो चुकी थीं, इसके बावजूद मेडिकल के आधार पर अदालत में उपस्थित होने से छूट ली गई।
ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर निशाना साधते हुए अदालत की कार्यवाही को गंभीरता से लेने की बात कही। हालांकि, बीमारी, अस्पताल से छुट्टी और पेशी से छूट से संबंधित इन बातों को ज्योति सिंह के आरोप और दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
चार साल से चल रहे विवाद के बीच साथ रहने की जताई इच्छा
ज्योति सिंह ने बातचीत में कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं। उनके मुताबिक, पिछले चार वर्षों से विवाद चल रहा है और अब वह इस स्थिति से परेशान हो चुकी हैं। इसके बावजूद उन्होंने साथ रहने की इच्छा जाहिर की।
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उनका यह बयान मामले को लेकर उनकी मौजूदा नाराजगी और न्याय पाने के लिए आगे कानूनी कदम उठाने की मंशा को दर्शाता है।
ज्योति सिंह के बयान के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, फिलहाल समझौता होने या वैवाहिक विवाद का समाधान निकलने की कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
समझौते की अर्जी पर क्या बोले ज्योति सिंह के अधिवक्ता?
ज्योति सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि पवन सिंह की ओर से एकमुश्त समझौते को लेकर अदालत में अर्जी दी गई थी। अधिवक्ता के मुताबिक, पवन सिंह की तरफ से सुलह की बात कही जा रही है, लेकिन समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पवन सिंह को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा।
समझौते की अर्जी और दोनों पक्षों की ओर से आगे उठाए जाने वाले कदम इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, केवल समझौते की बात सामने आने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि दोनों के बीच सुलह हो गई है। इसके लिए आगे की कार्यवाही और दोनों पक्षों की सहमति अहम होगी।
अब 12 नवंबर की सुनवाई पर नजर
18 अक्टूबर की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने अगली तारीख 12 नवंबर निर्धारित की है। ज्योति सिंह की ओर से न्याय नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही गई है, जबकि उनके अधिवक्ता ने समझौते की अर्जी और अदालत में उपस्थिति की आवश्यकता का जिक्र किया है।
अब यह देखना होगा कि अगली सुनवाई में पवन सिंह अदालत में उपस्थित होते हैं या नहीं और समझौते की प्रक्रिया को लेकर क्या स्थिति सामने आती है। फिलहाल मामले में अगली कानूनी कार्रवाई का इंतजार है।


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