AAP ने लगाया रोकने और जुर्माना करने का आरोप, अकाली दल नेता ने कस्टम नियमों के उल्लंघन का किया दावा
चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस के पेरिस दौरे से लौटने के बाद भगवंत मान दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित तौर पर तीन घंटे तक रोके जाने और 50 हजार रुपये का चालान किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार कराया गया और बाद में उन पर 50 हजार रुपये का चालान लगाया गया। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि कस्टम नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को इंतजार करना पड़ा।
20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू और पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कस्टम विभाग की ओर से कथित चालान के कारण या घटना के पूरे विवरण की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में तीन घंटे रोके जाने और जुर्माने से संबंधित दावों को संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
AAP ने क्या आरोप लगाए?
AAP के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पेरिस से लौटने पर भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रोका गया। पन्नू के मुताबिक, मुख्यमंत्री को पहले बताया गया कि उनका सामान आना बाकी है और उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में मुख्यमंत्री को जाने की अनुमति मिलने के समय 50 हजार रुपये का चालान जारी किया गया।
पन्नू ने इस घटना को पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ अनुचित व्यवहार बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़कर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति और पंजाब के अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच पहले से विवाद रहा है।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट पर लगभग तीन घंटे रोके जाने का दावा किया। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की ओर से मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा को लेकर अपनाए गए रुख से जोड़ते हुए आलोचना की। ये आरोप AAP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं कहा जा सकता।
अकाली दल नेता ने कस्टम नियमों के उल्लंघन का दावा किया
इस विवाद पर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अलग पक्ष रखा। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, मजीठिया ने दावा किया कि भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर को कस्टम विभाग ने कानून के उल्लंघन से जुड़े मामले में करीब तीन घंटे इंतजार कराया।
मजीठिया ने कथित तौर पर तय सीमा से अधिक सामान या नकदी ले जाने को लेकर पूछताछ किए जाने की बात कही। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इस दावे के समर्थन में कस्टम विभाग का आधिकारिक बयान, चालान की प्रति या कथित उल्लंघन का विस्तृत विवरण प्रकाशित नहीं है।
इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कथित 50 हजार रुपये का चालान किस नियम के तहत जारी किया गया, उसका आधार क्या था और क्या कार्रवाई मुख्यमंत्री के सामान, उनके साथ आए किसी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल से संबंधित थी। इन सवालों पर संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
SIAL Paris 2026 में शामिल होने फ्रांस गए थे भगवंत मान
पंजाब सरकार के अनुसार, भगवंत मान का फ्रांस दौरा कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने तथा व्यापारिक अवसर तलाशने के उद्देश्य से था। वह पेरिस में आयोजित SIAL Paris 2026 खाद्य और एग्री-बिजनेस प्रदर्शनी में शामिल हुए।
पंजाब की सहकारी संस्था मार्कफेड ने भी इस प्रदर्शनी में अपना स्टॉल लगाया था। रिपोर्टों के अनुसार, भगवंत मान ने मार्कफेड के स्टॉल का उद्घाटन किया और संस्था के ‘SOHNA’ ब्रांड के दो नए उत्पाद लॉन्च किए। राज्य सरकार ने दौरे का उद्देश्य पंजाब के कृषि उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने से जोड़कर बताया था।
विदेश यात्रा की अनुमति को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
भगवंत मान के फ्रांस दौरे से पहले भी उनकी विदेश यात्रा को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच विवाद सामने आया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय की ओर से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बाद पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था।
16 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को फ्रांस यात्रा की अनुमति दी और केंद्र के पहले के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर राहत दी। यह विवाद मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी और राज्य सरकार के अधिकारों से जुड़े सवालों के बीच सामने आया था।
AAP ने एयरपोर्ट पर कथित कार्रवाई को इसी व्यापक विवाद से जोड़कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, अकाली दल नेता ने इसे कस्टम नियमों के पालन से संबंधित मामला बताया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच घटना का पूरा विवरण सामने आने के लिए संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
अब किन सवालों के जवाब जरूरी?
इस पूरे मामले में तीन प्रमुख सवाल उठ रहे हैं। पहला, क्या भगवंत मान के खिलाफ वास्तव में 50 हजार रुपये का चालान जारी किया गया और यदि हां, तो किस नियम के तहत? दूसरा, एयरपोर्ट पर रोके जाने की कार्रवाई किस विभाग ने की और इसका दर्ज कारण क्या था? तीसरा, क्या कस्टम विभाग ने सामान या नकदी से संबंधित किसी कथित उल्लंघन की पुष्टि की है?
उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में इन सवालों के जवाब देने वाला विस्तृत आधिकारिक कस्टम बयान नहीं मिला है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चालान, संबंधित नियम और विभागीय स्पष्टीकरण की पुष्टि आवश्यक है।
निष्कर्ष: पेरिस से लौटने के बाद भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोके जाने और 50 हजार रुपये का चालान किए जाने का दावा AAP नेताओं ने किया है। अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कस्टम नियमों के उल्लंघन से जुड़ा अलग दावा रखा है। घटना की वास्तविक वजह और कथित जुर्माने के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कस्टम विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।



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