योगी आदित्यनाथ और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई कार्यशाला; सरकारी कर्मचारियों की ट्रेनिंग में राजस्थान दूसरे और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहा।
लखनऊ में मिशन कर्मयोगी यूपी के तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए लखनऊ में साधना शृंखला-2026 की उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और दक्षता-आधारित बनाने पर चर्चा हुई। 23 और 24 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, दक्षता-आधारित क्षमता विकास संस्थानों में बदलने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और क्षमता विकास आयोग (CBC) की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान भी शामिल हुईं।
मिशन कर्मयोगी यूपी में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सरकारी कार्मिकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास में देशभर में प्रदर्शन के आधार पर राज्यों को सम्मानित किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस श्रेणी में उत्तर प्रदेश को पहला, राजस्थान को दूसरा और जम्मू-कश्मीर को तीसरा स्थान मिला। मिशन कर्मयोगी के तहत अलग-अलग श्रेणियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के विभागों को भी सम्मानित किया गया।
NNATI Capability Index और नए Curriculum Framework का शुभारंभ
कार्यशाला में UNNATI Capability Index और National Curriculum Design Framework के शुभारंभ की जानकारी दी गई। इन पहलों का संबंध सरकारी प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने और संस्थानों की क्षमता विकास प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित रूप देने से है।
क्षमता विकास आयोग के अनुसार, ‘साधना शृंखला’ के क्षेत्रीय आयोजनों से मिलने वाले सुझावों को प्रशिक्षण संस्थानों के रूपांतरण की साझा रूपरेखा तैयार करने में इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद राज्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक प्रभावी और दक्षता-केंद्रित बनाना है।
12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि जुटे
लखनऊ में आयोजित इस कार्यशाला में उत्तरी क्षेत्र के आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी है। इनमें बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।
कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अनुभवों, प्रशिक्षण के तरीकों और नवाचारों को साझा करना है, ताकि सरकारी कार्मिकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा सके और नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं में सुधार हो।

योगी बोले- दूसरे राज्यों के अनुभवों से सीखने का अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘साधना शृंखला-2026’ विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अनुभवों, नवाचारों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने का मंच है। इससे उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को दूसरे राज्यों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा। वहीं, दूसरे राज्यों के प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में हुए नवाचारों और प्रशासनिक कार्यों को समझ सकेंगे।
मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण व्यवस्था को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित रखने के बजाय सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता और नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं में सुधार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने पर मंथन
क्षमता विकास आयोग की ओर से आयोजित यह क्षेत्रीय कार्यशाला प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका, संस्थागत नेतृत्व, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल जैसे विषयों पर संवाद का हिस्सा है। लखनऊ में हुई चर्चा के निष्कर्षों को अन्य क्षेत्रीय कार्यशालाओं से मिले सुझावों के साथ प्रशिक्षण संस्थानों के रूपांतरण की साझा रूपरेखा तैयार करने में शामिल किया जाएगा।



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