फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से लोगों को फंसाने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप, हैदराबाद पुलिस कर रही जांच
हैदराबाद ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग मामला: सोशल मीडिया पर महिला की पहचान बनाकर लोगों से दोस्ती करना, बातचीत को निजी और यौन विषयों तक ले जाना और फिर उनकी अंतरंग तस्वीरों व वीडियो के जरिए कथित तौर पर ब्लैकमेल करना—हैदराबाद में सामने आए एक मामले में पुलिस ने इसी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए 1,000 से अधिक लोगों से बातचीत की। इनमें से 82 लोगों ने उसे अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो भेजे थे। पुलिस के अनुसार, इन सामग्री का इस्तेमाल कथित तौर पर वसूली के लिए किया गया।

रिपोर्ट में आरोपी की पहचान कोंडाभट्ठुला पवन कुमार के रूप में की गई है। उसे हैदराबाद के सैदाबाद इलाके की पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों का भरोसा जीतने, निजी सामग्री हासिल करने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
27 फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करने का आरोप
अंग्रेजी अखबार की 20 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर 13 और फेसबुक पर 14 फर्जी प्रोफाइल बनाई थीं। इन प्रोफाइल पर महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इनमें ‘चंदना’ नाम से भी एक पहचान बनाई गई थी।
आरोप है कि इन खातों के जरिए लोगों से दोस्ती की जाती थी और बातचीत धीरे-धीरे निजी विषयों तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद कुछ लोगों को अपनी अंतरंग तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए तैयार किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर 1,000 से अधिक लोगों से बातचीत की। इनमें से 82 लोगों की निजी तस्वीरें और वीडियो उसके पास होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों में डॉक्टर, कारोबारी, शिक्षक, निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोग और गिग वर्कर्स शामिल थे। कुछ लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से भी बताए गए हैं।

निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर वसूली का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करने के बाद खुद को उस महिला का भाई बताता था। इसके बाद वह सामग्री सार्वजनिक करने या महिला की ओर से पुलिस में शिकायत कराने की धमकी देकर लोगों पर दबाव बनाता था।
ऐसी धमकियों का उद्देश्य कथित तौर पर पीड़ितों से पैसे वसूलना था। निजी तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक होने के डर से लोग दबाव में आ सकते हैं। इसी आशंका का फायदा उठाकर ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की जाती है।
रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि इस तरीके से कथित तौर पर 18 लाख रुपये वसूले गए। इसके अलावा निवेश पर मुनाफा देने का वादा करके अन्य लोगों से लगभग 7.16 लाख रुपये की धोखाधड़ी का भी आरोप है। रिपोर्ट में इन दोनों रकम को मिलाकर कुल 25.16 लाख रुपये का उल्लेख किया गया है।
82 लोगों के निजी वीडियो मिलने की बात
इस मामले का अहम पहलू यह है कि पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास 82 पुरुषों की अंतरंग तस्वीरें और वीडियो होने की बात सामने आई। हालांकि, किसी व्यक्ति की निजी सामग्री हासिल होने या पुलिस के पास मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पीड़ितों की पहचान और उनकी निजता की रक्षा करना जरूरी है।
ऐसे मामलों में निजी तस्वीरों या वीडियो को आगे भेजना, सोशल मीडिया पर साझा करना या पीड़ित की पहचान उजागर करना नुकसान को और बढ़ा सकता है। इसलिए किसी भी वायरल दावे या कथित वीडियो को साझा करने से बचना चाहिए।
ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर क्या करें?
अगर कोई व्यक्ति निजी तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो घबराहट में भुगतान करने के बजाय कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
- धमकी भरे संदेश, प्रोफाइल लिंक, फोन नंबर और भुगतान संबंधी विवरण सुरक्षित रखें।
- संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल और ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट करें।
- नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम इकाई में शिकायत दर्ज कराएं।
- भारत में साइबर अपराध की शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर जल्द से जल्द 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
जांच जारी, आरोप साबित होना बाकी
हैदराबाद पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। रिपोर्टों में अलग-अलग मामलों में कथित वसूली की रकम का विवरण भी दिया गया है। किसी भी आरोप को अदालत में साबित होने से पहले अंतिम अपराध-सिद्धि नहीं माना जाना चाहिए।


Leave a Reply