मौसम विभाग के मुताबिक समुद्र में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। तटीय इलाकों में सतर्कता की जरूरत, मछुआरों को समुद्र की स्थिति पर नजर रखने की सलाह
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में मौसम का सिस्टम मजबूत होने के साथ देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना गहरा अवदाब 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद इसके और मजबूत होने की संभावना है।
हालांकि, सभी राज्यों में एक ही दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के 26 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार में आज के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं है, जबकि अगले कुछ दिनों में कुछ क्षेत्रों में मौसम बदलने और बारिश की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब, चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
IMD के समुद्री मौसम बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके 26 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। आगे इसकी दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर रखे हुए है। इस मौसम प्रणाली के चलते समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं, ऊंची लहरों और बारिश की आशंका है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और समुद्र में जाने वाले मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग के ताजा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
UP, बिहार और दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
IMD की 26 अक्टूबर को जारी उपखंडीय चेतावनी के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में आज के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं है। हालांकि, विभाग के पूर्वानुमान में अगले दिनों के दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना दिखाई गई है। इसलिए बारिश को लेकर किसी भी राज्य के लिए जारी चेतावनी को उसकी तारीख और क्षेत्र के हिसाब से देखना जरूरी है। लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखने के बाद ही यात्रा या अन्य बाहरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
किसानों और मछुआरों के लिए सावधानी जरूरी
बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के मजबूत होने से समुद्र की स्थिति प्रभावित हो सकती है। IMD के समुद्री बुलेटिन में कुछ समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम और ऊंची लहरों की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले आधिकारिक समुद्री चेतावनियां जांचने और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। किसानों को भी अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कटाई, फसल सुखाने और भंडारण जैसे कामों की योजना बनानी चाहिए। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।



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