पुनर्मतदान के बाद निर्वाचन आयोग का एक्शन; बूथ नंबर 21 और 26 पर निगरानी में चूक का मामला, गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर प्रकाश बिंदु को मिली जिम्मेदारी
लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर पर्यवेक्षण में गंभीर चूक पाए जाने के बाद आयोग ने छह अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दोनों केंद्रों पर तैनात 21 अन्य मतदानकर्मियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।
आगरा MLC चुनाव: छह अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, मतदान केंद्र संख्या 21 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के उपनिरीक्षक संदीप कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, मतदान केंद्र संख्या 26 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, निरीक्षक पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के उपनिरीक्षक सुमित त्यागी भी कार्रवाई के दायरे में हैं।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को इन छह कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मामले में अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
21 अन्य कर्मचारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई
आयोग ने मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर तैनात अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। इनमें दो पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी और 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिसकर्मियों में पांच हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल बताए गए हैं।
आयोग के अनुसार, मतदान केंद्रों पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने में चूक को गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई आगरा मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
तीन मतदान केंद्रों पर कराया गया पुनर्मतदान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद आयोग ने खेरागढ़ के मतदान केंद्र संख्या 20, सैंया के केंद्र संख्या 21 और फतेहाबाद के केंद्र संख्या 26 पर पहले हुए मतदान को निरस्त कर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया था।
पुनर्मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया गया। आयोग ने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और मतदान प्रक्रिया की निगरानी में हुई चूक पर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए थे।

गोरखपुर-फैजाबाद सीट के पर्यवेक्षक अभय सिंह हटाए गए
विधान परिषद चुनाव से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में निर्वाचन आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह IAS प्रकाश बिंदु को नया पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। यह बदलाव 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से पहले किया गया है।
भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने अभय सिंह की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। शिकायत में अधिकारी के खिलाफ पुराने मामले और जांच से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया था। इन आरोपों को शिकायतकर्ता के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए; पर्यवेक्षक को हटाने के आदेश में आयोग ने बदलाव का विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है।
The Public Lens — नज़र सच पर
यह रिपोर्ट निर्वाचन आयोग के आदेशों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। निलंबन के निर्देश, अनुशासनात्मक कार्रवाई और पर्यवेक्षक में बदलाव को अलग-अलग प्रशासनिक कार्रवाइयों के रूप में समझना चाहिए।



Leave a Reply