लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शासन ने एक साथ 34 वरिष्ठ PCS अधिकारियों के तबादले का फरमान जारी कर दिया। इस बड़े फेरबदल से कई जिलों के प्रशासनिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अचानक इतने बड़े स्तर पर अफसरों की कुर्सियां क्यों हिलाई गईं? प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जैसे हाई-प्रोफाइल जिलों में हुए इन बदलावों के पीछे की पूरी कहानी बेहद दिलचस्प है।
काशी विश्वनाथ मंदिर CEO हटाए गए, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में नई तैनाती
तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा वाराणसी की है, जहां धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम माने जाने वाले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को पद से हटा दिया गया है।
इसके अलावा:
वाराणसी से हटाए गए CEO: विश्वभूषण मिश्र को मंदिर प्रशासन से हटाकर अब UPSSSC में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गाजियाबाद नगर निगम: अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव का तबादला कर दिया गया है, वहीं हापुड़ से एसडीएम रेणु को गाजियाबाद का नया अपर नगर आयुक्त बनाया गया है।
गौतमबुद्धनगर (नोएडा): प्रशासनिक व्यवस्था को नया रूप देते हुए संजय कुमार पांडेय को एडीएम (प्रशासन) की कमान सौंपी गई है, जबकि यहां तैनात मंगलेश दुबे को प्रयागराज भेज दिया गया है।
जानिए किस अधिकारी को कहां भेजा गया
नीचे देखिए 34 अधिकारियों के तबादले का पूरा लेखा-जोखा:
| क्रमांक | अधिकारी का नाम | वर्तमान/पूर्व पद | नया पद/तैनाती स्थल |
|---|---|---|---|
| 1 | जंग बहादुर यादव | अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, गाजियाबाद | संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), ग्राम्य विकास |
| 2 | विश्वभूषण मिश्र | CEO, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिषद, वाराणसी | उपसचिव, UPSSSC |
| 3 | संजय कुमार पांडेय | ADM (नजूल), प्रयागराज | ADM (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर |
| 4 | अमित कुमार-2 | ADM (वि/रा), बहराइच | प्रधान प्रबंधक, यूपी सहकारी चीनी मिल संघ |
| 5 | मंगलेश दुबे | ADM (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर | उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज |
| 6 | विनीत उपाध्याय | ADM (वि/रा), बागपत | प्रधान प्रबंधक, यूपी सहकारी चीनी मिल संघ |
| 7 | राम शंकर | ADM (वि/रा), देवरिया | उपायुक्त (प्रशासन), खाद्य एवं रसद |
| 8 | दिग्विजय प्रताप सिंह | ADM (वि/रा), कासगंज | उपनिदेशक, यूपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद |
| 9 | संगम लाल | ADM (प्रशासन), एटा | ADM (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), मिर्जापुर |
| 10 | योगेंद्र सिंह | ADM (न्यायिक), जालौन | उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय |
| 11 | बरखा सिंह | प्रधान प्रबंधक, यूपी सहकारी चीनी मिल संघ | अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, वाराणसी |
| 12 | पंकज प्रकाश राठौड़ | नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर | ADM (वि/रा), देवरिया |
| 13 | दीपक कुमार पाल | SDM, बुलंदशहर | नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर |
| 14 | रेणु | SDM, हापुड़ | अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, गाजियाबाद |
| 15 | अजय आनंद वर्मा | SDM, औरैया | SDM, आजमगढ़ |
| 16 | रेणु मिश्रा | SDM, सिद्धार्थनगर | SDM, फर्रुखाबाद |
| 17 | प्रदीप कुमार सिंह | SDM, गोंडा | SDM, गौतमबुद्धनगर |
| 18 | दिव्या सिकरवार | SDM, आजमगढ़ | SDM, औरैया |
| 19 | प्रद्युम्न कुमार | SDM, कानपुर देहात | SDM, बस्ती |
| 20 | वंदना त्रिवेदी | उपसचिव, UPSSSC | उपनिदेशक, डॉ. RML प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी |
| 21 | अरुण कुमार | ADM (प्रशासन), बदायूं | ADM (वि/रा), बहराइच |
| 22 | मानवेंद्र सिंह (RR 2019) | SDM, सहारनपुर | ADM (प्रशासन), बदायूं |
| 23 | राजीव कुमार राय | उपनिदेशक, यूपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद | ADM (वि/रा), बागपत |
| 24 | अजय नारायण सिंह | ADM (नागरिक आपूर्ति), आगरा | ADM (प्रशासन), एटा |
| 25 | प्रशांत कुमार | SDM, आजमगढ़ | ADM (नागरिक आपूर्ति), आगरा |
| 26 | प्रियंका सिंह | SDM, आजमगढ़ | अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, मथुरा |
| 27 | अभय कुमार पांडेय | सचिव, कानपुर विकास प्राधिकरण | ADM (वि/रा), कासगंज |
| 28 | सुखलाल प्रसाद वर्मा | SDM, कौशांबी | ADM (नजूल), प्रयागराज |
| 29 | शत्रुहन पाठक | SDM, बस्ती | ADM (न्यायिक), जालौन |
| 30 | देवेंद्र प्रताप सिंह-2 | CRO / उपसंचालक चकबंदी, मिर्जापुर | सचिव, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण |
| 31 | विजेता | ADM (नमामि गंगे), मिर्जापुर | CRO / उपसंचालक चकबंदी, मिर्जापुर |
| 32 | शुभी गुप्ता | SDM, संभल | सहायक निदेशक, डॉ. RML अकादमी |
| 33 | अशोक कुमार | SDM, मैनपुरी | SDM, हापुड़ |
| 34 | शुभेंदु शेखर सिंह | SDM, झांसी | विशेष कार्याधिकारी (OSD), यूपीडा |
उत्तर प्रदेश में एक साथ 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले केवल एक रूटीन प्रक्रिया नहीं लगती। शासन का यह कदम आगामी विकास योजनाओं की समीक्षा और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई को दूर करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। गाजियाबाद, नोएडा और काशी जैसे संवेदनशील और विकास-केंद्रित क्षेत्रों में नए चेहरों को लाकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना यह होगा कि नई जगहों पर पहुंचे ये अफसर व्यवस्था में कितना सुधार ला पाते हैं।


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