लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवाद का बड़ा चेहरा और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का निधन हो गया है। 74 वर्ष की आयु में उन्होंने लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में अंतिम सांस ली, जहां वे पिछले कुछ समय से गंभीर अस्वस्थता के चलते आईसीयू (ICU) में भर्ती थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक व राजनीतिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।
बलिया की छात्र राजनीति से विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तक का सफर
9 जुलाई 1953 को बलिया जिले के गोसाईंपुर गांव में जन्मे राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर जमीनी संघर्षों की देन रहा।
- शिक्षा एवं वकालत: उन्होंने प्राथमिक व उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक और लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल कर वकालत शुरू की थी।
- छात्र राजनीति की नर्सरी: 1971-72 में बलिया के प्रसिद्ध मुरली मनोहर टाउन (MMT) महाविद्यालय से महामंत्री और बाद में छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने राजनीतिक पटल पर कदम रखा।
8 बार विधायक बनने का शानदार रिकॉर्ड
राम गोविंद चौधरी ने 1977 की जनता लहर में पहली बार चिलकहर सीट से जीत हासिल कर यूपी विधानसभा में प्रवेश किया था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कुल 8 बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया।
| वर्ष | चुनाव क्षेत्र | पार्टी / दल | परिणाम |
| 1977 | चिलकहर | जनता पार्टी | जीत (प्रथम बार विधायक) |
| 1980 | चिलकहर | जनता पार्टी (जेपी) | जीत |
| 1985 | चिलकहर | जनता पार्टी | जीत |
| 1989 | चिलकहर | जनता दल | जीत |
| 1991 | चिलकहर | जनता पार्टी | जीत |
| 2002 | चिलकहर | स०ज०पा० (राष्ट्रीय) | जीत |
| 2012 | बांसडीह | समाजवादी पार्टी | जीत |
| 2017 | बांसडीह | समाजवादी पार्टी | जीत (51,201 वोट पाकर विजयी) |
शासन और संगठन में निभाई अहम जिम्मेदारियां
- मुलायम सरकार में मंत्री (1990-91): मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में वे उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रहे।
- अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (2012-17): 2012 में सपा सरकार बनने पर उन्हें बेसिक शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
- नेता प्रतिपक्ष (2017-2022): 2017 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्होंने प्रखरता से जनमुद्दों को उठाया।
समाजवादी विचारों के प्रति निष्ठा और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले राम गोविंद चौधरी का चले जाना उत्तर प्रदेश की विधायी राजनीति के एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत है।


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