तीनों नेताओं की भाजपा में औपचारिक एंट्री की चर्चा तेज; राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह पहले ही सपा से बाहर किए जा चुके हैं, विनोद चतुर्वेदी अभी सपा विधायक के रूप में दर्ज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और बड़े राजनीतिक बदलाव की खबर सामने आई है। अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी के 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की बात सामने आई है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं की भाजपा में औपचारिक जॉइनिंग वरिष्ठ भाजपा नेताओं की मौजूदगी में कराई जा सकती है।
तीनों नेता समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक रहे हैं और वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले सपा विधायकों में उनका नाम सामने आया था। बाद में सपा ने अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि विनोद चतुर्वेदी के खिलाफ उस समय ऐसी कार्रवाई नहीं की गई थी।
14 अक्टूबर को BJP में शामिल होने की खबर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। रिपोर्ट में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जॉइनिंग की बात कही गई है।
वहीं, इसी राजनीतिक घटनाक्रम में अयोध्या के गोसाईगंज से विधायक अभय सिंह का नाम भी भाजपा के साथ जोड़ा जा रहा है। अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह पहले से ही भाजपा के पक्ष में राजनीतिक गतिविधियों में नजर आते रहे हैं।
हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में 14 अक्टूबर की औपचारिक जॉइनिंग की पुष्टि मुख्य रूप से राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी के संबंध में की गई है। इसलिए अभय सिंह की जॉइनिंग को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना उचित होगा।
तीनों विधायक पहले भी भाजपा के संपर्क में रहे
अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी का भाजपा के साथ राजनीतिक संपर्क नया नहीं है। अप्रैल 2025 में तीनों नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उस मुलाकात में भाजपा सांसद संजय सेठ भी मौजूद थे।
इसके बाद भी तीनों नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अक्टूबर 2026 में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी। उपलब्ध रिपोर्टों में इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया था।
2024 के राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग
तीनों नेताओं के भाजपा के साथ बढ़ते राजनीतिक जुड़ाव की पृष्ठभूमि 2024 के राज्यसभा चुनाव से भी जुड़ी है।
फरवरी 2024 में उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के दौरान सपा के कई विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इनमें अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी के नाम भी शामिल थे।
इस क्रॉस वोटिंग के बाद सपा ने अपने कुछ विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की। पार्टी ने बाद में अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह समेत तीन विधायकों को निष्कासित कर दिया था। विनोद चतुर्वेदी समेत कुछ अन्य विधायकों के खिलाफ उस समय कार्रवाई नहीं की गई थी।
कौन हैं अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी?
अभय सिंह अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की उपलब्ध जानकारी में उन्हें समाजवादी पार्टी के विधायक के रूप में दर्ज किया गया है।
राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद सपा से उनके संबंधों में विवाद बढ़ा और पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
विनोद चतुर्वेदी जालौन की कालपी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की उपलब्ध जानकारी में उनका नाम अभी समाजवादी पार्टी के विधायक के रूप में दर्ज है।
इसलिए 14 अक्टूबर की संभावित जॉइनिंग के बाद इन नेताओं की औपचारिक राजनीतिक स्थिति में बदलाव की पुष्टि भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही मानी जाएगी।
UP की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सपा से जुड़े इन नेताओं के भाजपा में जाने की खबर को महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी नेता के भाजपा में शामिल होने की औपचारिक पुष्टि सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम और भाजपा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी। फिलहाल 14 अक्टूबर की तारीख को लेकर रिपोर्ट सामने आई है और राजनीतिक हलकों में इसको लेकर चर्चा तेज है।



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