संग्रामपुर, अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के संग्रामपुर विकासखंड की बड़गांव ग्राम पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बन रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। निर्माण में घटिया ईंटों और अन्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के बाद शनिवार को मौके पर पहुंचे जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार त्यागी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में खामियां मिलने की पुष्टि करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीपीआरओ ने ग्राम सचिव अजीत सिंह और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन किया जाना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और मौके पर मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए जरूरी सुधार किए जाने चाहिए।
शिकायत के बाद जांच के लिए पहुंचे डीपीआरओ
बड़गांव अंत्येष्टि स्थल निर्माण ग्राम पंचायत में कराया जा रहा है। इसी निर्माण कार्य में घटिया ईंटों और अन्य सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सत्यम कोरी ने बीते दिनों संग्रामपुर विकासखंड मुख्यालय में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लाखों रुपये की लागत से बन रहे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है।
शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार दोपहर डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी निर्माण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कमियां सामने आईं।
डीपीआरओ ने निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य में खामियां मिलने की पुष्टि की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और ऐसी लापरवाही दोबारा न होने पाए।
ग्राम सचिव और एडीओ पंचायत को गुणवत्ता सुनिश्चित करने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने ग्राम सचिव अजीत सिंह और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। सरकारी योजनाओं के तहत तैयार होने वाली सुविधाओं में इस्तेमाल की जाने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
अंत्येष्टि स्थल जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऐसे निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और काम करने के तरीके पर निर्धारित मानकों के अनुसार ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि सरकारी धन से बनाई जा रही सुविधा का उद्देश्य पूरा हो सके।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निर्माण कार्य की कुल स्वीकृत लागत, इस्तेमाल की गई ईंटों की तकनीकी जांच, ठेकेदार या निर्माण एजेंसी का नाम और कमियों को दूर करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
दीवारों के प्लास्टर में भी मानकों का पालन करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने अंत्येष्टि स्थल की दीवारों के प्लास्टर को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने सीमेंट और बालू-मौरंग के मिश्रण से प्लास्टर कराने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो।
निर्माण में सामने आई कमियों के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर आगे क्या कार्रवाई होगी और निर्माण सामग्री में सुधार किस तरह कराया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे डीपीआरओ
डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि निरीक्षण में मिली कमियों के संबंध में जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट में निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं को रखा जाएगा, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट हो सकता है।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड के संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। फिलहाल, इस मामले में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
बड़गांव ग्राम पंचायत में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण को लेकर उठे सवालों के बीच डीपीआरओ का निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किस तरह पूरा कराया जाता है।



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