जर्जर भवनों की सुरक्षा से लेकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तक की समीक्षा, पात्र विद्यार्थियों को समय पर डीबीटी का लाभ दिलाने पर जोर
अमेठी। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की जनपद स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में विद्यालयों की स्वच्छता, स्मार्ट क्लास के संचालन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।
शौचालयों की सफाई और स्मार्ट क्लास के संचालन पर जोर
जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई, रखरखाव और नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विद्यालय परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ जर्जर भवनों के संबंध में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता न हो।
डीएम ने विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और स्मार्ट क्लास के संचालन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की होगी निगरानी
बैठक में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालयों सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।
कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया। वहीं, जिला समन्वयक (निर्माण) को निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।

शत-प्रतिशत नामांकन और समय पर डीबीटी का लाभ
जिलाधिकारी ने बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीबीटी योजना के तहत पात्र छात्र-छात्राओं को समयबद्ध तरीके से लाभ मिलना चाहिए, जिससे कोई भी पात्र विद्यार्थी शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान केवल भौतिक सुविधाओं की स्थिति तक सीमित न रहें। विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर, उपलब्ध संसाधनों के उपयोग और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का भी आकलन किया जाए। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को दूर कर शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



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