बरसाना के एक दूसरे आश्रम से मथुरा पुलिस ने खोजा किशोर; परिवार ने वृंदावन में केली कुंज आश्रम के बाहर दिया था धरना
मथुरा/वृंदावन। प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामले में तीन महीने से लापता अनुज चौधरी को पुलिस ने बरामद कर लिया है। हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र का रहने वाला अनुज बरसाना के एक दूसरे आश्रम में मिला। उसकी तलाश में जुटी मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर और एक व्यक्ति से मिली सूचना की मदद से उसका पता लगाया। परिवार ने कुछ दिन पहले वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम के बाहर धरना देकर बेटे को खोजने और उससे मिलवाने की मांग की थी।
जनसत्ता की 4 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने अनुज को बरसाना क्षेत्र के एक आश्रम से खोजा। पुलिस अब उससे पूछताछ करेगी, ताकि यह पता चल सके कि वह घर से निकलने के बाद कहां-कहां रहा और इतने समय तक परिवार से उसका संपर्क क्यों नहीं हुआ। रिपोर्ट में परिवार से उसकी मुलाकात या घर वापसी की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल उसकी बरामदगी को लेकर उपलब्ध जानकारी और परिवार से पुनर्मिलन के दावे में अंतर रखना जरूरी है।
जुलाई में घर से निकला था अनुज
अनुज चौधरी हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के खेड़ा बरामई गांव का निवासी है। उसके पिता राजवीर चौधरी के अनुसार, अनुज ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके कुछ दिन बाद वह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार के मुताबिक, जुलाई से उसका कोई पता नहीं चल रहा था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।
अनुज के लापता होने के बाद परिवार ने वृंदावन स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम से भी संपर्क किया। परिजनों का आरोप था कि उनका बेटा इसी आश्रम में मौजूद है, लेकिन उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। परिवार ने यह भी कहा था कि वे कई बार आश्रम पहुंचे, मगर उन्हें बेटे के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
इन आरोपों के बीच आश्रम प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि, अनुज के बरामद होने के बाद भी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की पूछताछ और जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है। परिवार के आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ अपराध साबित नहीं करते।
आश्रम के बाहर परिवार ने दिया था धरना
अनुज की तलाश में उसके परिजन और गांव के कुछ लोग वृंदावन पहुंचे थे। उन्होंने केली कुंज आश्रम के बाहर धरना देकर बेटे का पता बताने और उससे मुलाकात कराने की मांग की। इस दौरान मामला पुलिस तक पहुंचा। परिवार की चिंता थी कि तीन महीने से बेटे का कोई पता नहीं है और उन्हें उसकी स्थिति की जानकारी भी नहीं मिल रही।
धरने के बाद पुलिस ने परिवार को अनुज का पता लगाने का भरोसा दिया था। जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने दो दिन के भीतर जानकारी जुटाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद पुलिस ने हाथरस पुलिस के साथ समन्वय किया और अनुज की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, बरसाना में मिला किशोर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर तस्वीर प्रसारित किए जाने के बाद एक व्यक्ति ने अनुज को पहचानकर पुलिस को सूचना दी। इस जानकारी के आधार पर मथुरा पुलिस ने बरसाना क्षेत्र के एक आश्रम में पहुंचकर उसे बरामद किया। इस तरह करीब तीन महीने से जारी तलाश में पुलिस को सफलता मिली।
अब पुलिस की पूछताछ इस मामले का अगला अहम चरण है। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना है कि अनुज जुलाई में घर से निकलने के बाद किन स्थानों पर रहा, वह बरसाना के आश्रम तक कैसे पहुंचा और इतने समय तक परिवार से संपर्क क्यों नहीं हो पाया। इन सवालों के जवाब मिलने से घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
परिवार और पुलिस की आगे की प्रक्रिया पर नजर
अनुज की बरामदगी से उसकी तलाश से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल—वह कहां है—सुलझ गया है। लेकिन परिवार से उसकी मुलाकात, घर लौटने की स्थिति और लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों के बारे में और जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस की पूछताछ से इन पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अनुज की उम्र को लेकर प्रकाशित खबरों में 16 और 17 वर्ष, दोनों का उल्लेख हुआ है। इसलिए आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर उम्र की पुष्टि किया जाना भी जरूरी होगा। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस द्वारा बरसाना के एक आश्रम से उसकी बरामदगी की जानकारी दी गई है। मामले में आगे की तस्वीर पुलिस की जांच और परिवार के आधिकारिक बयान के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।



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