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State · September 14, 2026 · admin

अजब-गजब चुनाव: राज्य में अपनी ही पार्टी की सरकार, फिर भी BJP उम्मीदवारों को मिला सिर्फ 1-1 वोट!

जयपुर। लोकतंत्र में चुनाव के नतीजे अक्सर चौंकाते हैं, लेकिन राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों (Urban Local Body Elections) से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार होने के बावजूद, दो अलग-अलग नगरपालिकाओं में बीजेपी के प्रत्याशियों को सिर्फ 1-1 वोट ही नसीब हुआ। यह हैरान कर देने वाला मामला डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका और धौलपुर जिले की सैपऊ नगरपालिका का है।

कहां और किसके साथ हुआ ऐसा?

  1. वार्ड 13, परबतसर नगरपालिका (डीडवाना-कुचामन):
    • बीजेपी उम्मीदवार: कैलाशचंद
    • प्राप्त वोट: केवल 1 वोट
    • वजह: कैलाशचंद खुद इस वार्ड (वार्ड 13) के मतदाता नहीं थे, बल्कि पास के वार्ड 12 के वोटर थे। उन्हें खुद का वोट भी इस वार्ड में डालने का अधिकार नहीं था।
  2. वार्ड 19, सैपऊ नगरपालिका (धौलपुर):
    • बीजेपी उम्मीदवार: लक्ष्मण कोली
    • प्राप्त वोट: केवल 1 वोट
    • चर्चा की वजह: लक्ष्मण कोली का परिवार (पत्नी, बेटा और बहू) इसी वार्ड में पंजीकृत मतदाता था। इसके बावजूद उन्हें केवल 1 वोट मिला, जिससे चर्चा शुरू हो गई कि क्या परिवार का वोट भी उन्हें नहीं मिला!

क्या रहे इन वार्डों के अंतिम नतीजे?

  • परबतसर (वार्ड 13):
    • विजेता: हीना खानम (कांग्रेस) ➔ 376 वोट
    • दूसरे स्थान पर: राशिद खान (निर्दलीय) ➔ 195 वोट
    • बीजेपी (कैलाशचंद): ➔ 1 वोट
  • सैपऊ (वार्ड 19):
    • विजेता: अजय कुमार (निर्दलीय) ➔ 108 वोट
    • दूसरे स्थान पर: राजेश कुमार (निर्दलीय) ➔ 69 वोट
    • बीजेपी (लक्ष्मण कोली): ➔ 1 वोट

मुझे तो अपने वार्ड में भी वोट डालने का हक नहीं था- कैलाशचंद

अपनी हार और 1 वोट मिलने पर बीजेपी प्रत्याशी कैलाशचंद ने सफाई देते हुए कहा:

‘मैं मूल रूप से वार्ड नंबर 12 का मतदाता हूं। पार्टी ने मुझे पड़ोसी वार्ड नंबर 13 से उम्मीदवार बनाया था। चूंकि मेरा खुद का वोट वार्ड 12 में था, इसलिए मैं वार्ड 13 में खुद को वोट नहीं दे सका। जो 1 वोट मुझे मिला है, वह वार्ड 13 के ही किसी सहृदय मतदाता ने मुझे दिया है।‘

वहीं, लक्ष्मण कोली के मामले में गोपनीयता के नियम के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें मिला 1 वोट खुद उनका था, उनके परिवार के किसी सदस्य का, या किसी बाहरी मतदाता का।

निकाय चुनावों की कुल तस्वीर

राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के 10,000 से अधिक पार्षद पदों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं।

  • परबतसर नगरपालिका (कुल 25 वार्ड):
    • कांग्रेस: 13 वार्ड (साधारण बहुमत हासिल)
    • बीजेपी: 12 वार्ड

उम्मीदवार चयन और स्थानीय समीकरणों का सबक

सत्ताधारी दल के चिन्ह पर चुनाव लड़ने के बावजूद महज 1 वोट मिलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा और बहस का विषय बन गया है। यह घटना दर्शाती है कि स्थानीय निकाय (वार्ड स्तर) के चुनावों में पार्टी के सिंबल या राज्य में सरकार होने से ज्यादा ‘स्थानीय प्रत्याशी’, ‘वार्ड का निवासी होना’ और ‘व्यक्तिगत संपर्क’ मायने रखता है। बाहरी वार्ड से प्रत्याशी उतारना (जैसा कि परबतसर में हुआ) और स्थानीय संगठन की कमजोरी ऐसी अप्रत्याशित हार की बड़ी वजह बनती है।

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