बद्रीनाथ में 18.10 लाख और केदारनाथ में 15.57 लाख श्रद्धालु पहुंचे, यात्रा सीजन में अभी करीब डेढ़ महीना बाकी
देहरादून: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा का पहला चरण सफल रहा है, जबकि दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री धामों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक 53,23,401 तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यात्रा से जुड़े जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है और राज्य तथा जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
बद्रीनाथ और गंगोत्री में रिकॉर्ड संख्या
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक इस साल बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या अब तक के उच्च स्तर पर पहुंची है।
- बद्रीनाथ धाम: 18.10 लाख से अधिक श्रद्धालु
- केदारनाथ धाम: 15.57 लाख श्रद्धालु
- गंगोत्री धाम: 8.41 लाख श्रद्धालु
- यमुनोत्री धाम: 7.50 लाख से अधिक श्रद्धालु
- चारों धामों में कुल: 53,23,401 श्रद्धालु
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल इसी अवधि में करीब 46 लाख तीर्थयात्री चारधाम पहुंचे थे। इस तरह इस साल अब तक की संख्या पिछले साल की समान अवधि से करीब 7.23 लाख अधिक है।
यात्रा के दूसरे चरण में भी बढ़ रही भीड़
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक चारधाम यात्रा का दूसरा चरण भी जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा सीजन के करीब डेढ़ महीने अभी बाकी हैं, ऐसे में तीर्थयात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड के आधिकारिक चारधाम पोर्टल पर यात्रियों के लिए पंजीकरण, वाहन पंजीकरण, धाम पर सत्यापन और दर्शन से जुड़े प्रावधान उपलब्ध हैं। पोर्टल पर मौसम और स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी तथा आपातकालीन सहायता की जानकारी भी दी जाती है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों में डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को अलर्ट मोड में रखा गया है। राज्य और जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी यात्रा मार्गों और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
उत्तराखंड में ऊंचाई वाले और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों को देखते हुए आपदा प्रबंधन तैयारियां यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस साल संवेदनशील ग्लेशियर झीलों की वैज्ञानिक निगरानी और सर्वेक्षण भी किया है।
सुरक्षित और सुगम यात्रा पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का फोकस तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने पर है। यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा और परिस्थितियों के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार का आधिकारिक पोर्टल यात्रियों को पंजीकरण, सत्यापन, हेल्पलाइन, मौसम और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है। आपात स्थिति के लिए पोर्टल पर 112 पुलिस, 108 मेडिकल इमरजेंसी और 1364 टूरिस्ट हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई है।
चारधाम यात्रा 2026 के प्रमुख आंकड़े
| धाम | अब तक पहुंचे श्रद्धालु |
|---|---|
| बद्रीनाथ | 18.10 लाख |
| केदारनाथ | 15.57 लाख |
| गंगोत्री | 8.41 लाख |
| यमुनोत्री | 7.50 लाख+ |
| कुल | 53,23,401 |
नोट: श्रद्धालुओं के ये आंकड़े मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर हैं।


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