लखनऊ में 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नशे से दूर रहने और खेलों पर ध्यान देने की अपील की; सपा पर भी साधा निशाना
लखनऊ, 8 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में पुलिस के कुशल खिलाड़ी कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए युवाओं से कहा कि वे “दो चीजों से हमेशा सावधान” रहें—पहली शराब और दूसरी सपा।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने रोजगार, खेल, युवाओं और प्रदेश की पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी अपनी बात रखी।
युवाओं से बोले सीएम योगी- शराब और सपा से सावधान रहें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वह युवाओं से दो चीजों को लेकर हमेशा सावधान रहने की अपील करेंगे। उन्होंने पहली चीज शराब और दूसरी समाजवादी पार्टी को बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुसार दोनों ने उत्तर प्रदेश को नुकसान पहुंचाया है।
यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के उस हिस्से का हिस्सा थी, जिसमें उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेलों को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को नशे के खिलाफ अभियान में आगे आने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इस अभियान के अच्छे ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के संदर्भ में कहा कि उनका हाथ पोडियम पर होना चाहिए, नशे की पुड़िया पर नहीं।
470 खिलाड़ियों को दिए गए नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इनमें नागरिक पुलिस के 43 उपनिरीक्षक और 295 आरक्षी, जबकि पीएसी के 132 आरक्षी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके परिश्रम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति किसी सरकार की कृपा या अनुकंपा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने और मेहनत का परिणाम है।
योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों से यह भी पूछा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनसे किसी ने पैसे की मांग की या किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी। उन्होंने नियुक्ति को प्रतिभा और परिश्रम से जोड़ते हुए नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से वर्दी में भी अपने खेल जीवन जैसी मेहनत करने की अपेक्षा जताई।
खेलों पर ध्यान देने का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को खेलों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गांव से लेकर जनपद और प्रदेश स्तर तक खेल सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है। उनके अनुसार खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलने से खेल के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं।
उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बर्बाद करने से भी बचने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रील देखने से लाइक्स मिल सकते हैं, लेकिन खेल के मैदान में मेहनत करने से जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
सपा पर रोजगार को लेकर भी निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर रोजगार और पिछली सरकार के कार्यकाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए सरकारी नौकरियों में कथित तौर पर सिफारिश और परिवारवाद का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरी के लिए सैफई या सिफारिश जैसे रास्तों की चर्चा होती थी, जबकि अब उनकी सरकार में प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर नियुक्तियां होने का दावा किया जा रहा है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी की ओर से रोजगार और नियुक्तियों को लेकर किए जाने वाले सवालों पर भी टिप्पणी की। यह हिस्सा मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा था और इसमें उन्होंने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल की अपनी आलोचना दोहराई।
NDA को लेकर भी मुख्यमंत्री ने की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने NDA को लेकर भी एक राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब NDA का अर्थ उनके अनुसार “नौकरी देंगे अलायंस” है। इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों के लिए “प्रदेश डुबाओ अलायंस” शब्द का इस्तेमाल किया और इसे सपा के PDA नारे से जोड़कर राजनीतिक तंज किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में प्रतिभा और परिश्रम को महत्व दिया जा रहा है।
नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को पदोन्नति का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त खिलाड़ियों से कहा कि सरकारी नौकरी मिलना अंतिम पड़ाव नहीं है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे पदोन्नति के अवसरों की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को भी संदेश दिया कि खेल कोटे से भर्ती हुए खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक से इन खिलाड़ियों को मिशन शक्ति की तर्ज पर गांवों से जोड़ने का सुझाव भी दिया, ताकि वे स्थानीय बच्चों और युवाओं के साथ खेल गतिविधियों में भाग ले सकें।
मुख्यमंत्री के बयान का राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का “शराब और सपा” वाला बयान उनके 8 अक्टूबर के लखनऊ कार्यक्रम में दिए गए राजनीतिक संबोधन का हिस्सा था। कार्यक्रम का मुख्य अवसर उत्तर प्रदेश पुलिस में खेल कोटे से चयनित खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देना था। मुख्यमंत्री ने इसी मंच से युवाओं को नशे से दूर रहने, खेलों में आगे बढ़ने और सोशल मीडिया पर समय सीमित रखने का संदेश दिया, साथ ही समाजवादी पार्टी की नीतियों और पिछली सरकार के कार्यकाल पर राजनीतिक टिप्पणी की।



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