नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन इलाके से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दोपहर करीब 1:30 बजे एक इमारत अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस बिल्डिंग में एक हॉस्टल (PG) संचालित हो रहा था, जिसके चलते दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कई छात्रों समेत बड़ी संख्या में लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां, दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
मूसलाधार बारिश के बाद हादसा, आसपास की इमारतें कराई गईं खाली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास हुआ। दिल्ली में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण इमारत के जर्जर ढांचे पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।
- तुरंत रेस्क्यू शुरू: हादसा होते ही आसपास के लोग और स्थानीय नागरिक राहत कार्य में जुट गए। मलबे से अब तक एक युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: मलबे के दबाव और आसपास की अन्य पुरानी इमारतों के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर पड़ोसी मकानों और हॉस्टलों को खाली करा लिया गया है। पूरे इलाके की बिजली काट दी गई है ताकि कोई दूसरा हादसा न हो।
साउथ कैंपस और छात्रों का प्रमुख ठिकाना है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से बिल्कुल सटा हुआ एक प्रमुख रिहायशी और शैक्षणिक हब माना जाता है। यहाँ बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट (PG) और हॉस्टल संचालित होते हैं, जहाँ देश भर से आकर छात्र पढ़ाई करते हैं।
जिस इमारत में हादसा हुआ है, उसमें भी हॉस्टल चल रहा था। ऐसे में घटना के वक्त इमारत के भीतर कितने छात्र या कर्मचारी मौजूद थे, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की जा रही है। दिल्ली प्रशासन और आपदा प्रबंधन (DDMA) की टीमें जेसीबी और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से कर रही हैं।
लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल
घटना की जो शुरुआती तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, उससे यह बेहद गंभीर और बड़ा हादसा नजर आ रहा है। रिहायशी और कमर्शियल हब वाले इस इलाके में जर्जर इमारतों में हॉस्टल के अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है, जिसके बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की जांच की जाएगी।
घटना पर एक नजर
| पहलू | विवरण |
| घटनास्थल | सत्य निकेतन (साउथ कैंपस के पास), नई दिल्ली |
| घटना का समय | दोपहर लगभग 1:30 बजे |
| प्रकृति | हॉस्टल संचालित हो रही इमारत ढही |
| प्रभावित लोग | दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के फंसे होने की आशंका |
| राहत कार्य | फायर ब्रिगेड, दिल्ली पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा रेस्क्यू जारी |


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