मुंबई। देश में सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में बेहतर और सुरक्षित ड्राइविंग करने वाले वाहन चालकों को कम इंश्योरेंस प्रीमियम (बीमा किस्त) देना पड़ सकता है। इस बात की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ के दौरान दी।
यूजेज बेस्ड इंश्योरेंस और सख्त पेनल्टी पर काम
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में टोलिंग और मोबिलिटी फाइनेंस पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ‘यूजेज बेस्ड इंश्योरेंस’ (Usage-Based Insurance) पर गंभीरता से विचार कर रही है।
- सुरक्षित चालकों को राहत: जो लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे और अच्छी ड्राइविंग करेंगे, उन्हें इंश्योरेंस प्रीमियम में छूट मिलेगी।
- रैश ड्राइविंग पर सख्ती: नियमों का उल्लंघन करने वालों और लापरवाही से गाड़ी चलाने (रैश ड्राइविंग) वालों के खिलाफ सख्त पेनल्टी का प्रावधान किया जाएगा।
- नया बिल: इन बदलावों को कानूनी रूप देने के लिए एक नया विधेयक (Bill) तैयार किया जा रहा है।
सड़क हादसे देश के लिए बड़ी चिंता
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश में लगातार बढ़ रहे रोड एक्सीडेंट्स पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया:
- भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क हादसे होते हैं।
- इन हादसों में हर साल करीब 1.8 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं।
- एक्सीडेंट में जान गंवाने वालों में 66% लोग 18 से 36 वर्ष की आयु के युवा होते हैं।
गडकरी ने कहा कि नए नियमों का मुख्य उद्देश्य देश में एक बेहतर और जिम्मेदार ‘ड्राइविंग कल्चर’ को बढ़ावा देना है।
अब मोबाइल नंबर की तरह पोर्ट होगा FASTag (‘OneTag’ सर्विस लॉन्च)
भारत के मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, FASTag, वाहन पोर्टल) की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने ‘OneTag’ सर्विस को लॉन्च किया।
- फास्टैग पोर्टेबिलिटी: इस सेवा के जरिए NETC FASTag यूजर्स को अपना बैंक बदलने के लिए नया फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
- आसान प्रक्रिया: जिस तरह यूजर अपने मोबाइल नंबर को एक टेलीकॉम ऑपरेटर से दूसरे में पोर्ट (MNP) कराते हैं, ठीक वैसे ही अब FASTag को भी एक बैंक से दूसरे बैंक में आसानी से पोर्ट किया जा सकेगा।


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