हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा, करीब 890 किलो संदिग्ध मिलावटी देसी घी सीज किया। हापुड़ में मिलावटी घी सीज मामले में जब्त घी की कीमत लगभग 5.34 लाख रुपये बताई गई है। फैक्टरी में गंदगी मिलने और दूध की खरीद से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने संचालक को नोटिस जारी किया है।
मोदी नगर रोड स्थित फैक्टरी में हुई कार्रवाई
हापुड़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मोदी नगर रोड स्थित एक फैक्टरी का निरीक्षण किया। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में टीम ने ग्राम अब्दुल्लापुर बसंत उर्फ फरीदपुर गोयना स्थित मैसर्स श्रेष्ठा फूड प्रोडक्ट्स में कार्रवाई की।
रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने फैक्टरी में तैयार देसी घी के साथ रिफाइंड पाम ऑयल और क्रीम भी बरामद की। परिसर में घी तैयार करने के उपकरण मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की प्रोसेसिंग और भंडारण की जगहों पर गंदगी मिलने की बात भी सामने आई।
करीब 890 किलो घी किया गया सीज
कार्रवाई के दौरान फैक्टरी से करीब 890 किलो तैयार देसी घी सीज किया गया। इसकी कीमत लगभग 5.34 लाख रुपये बताई गई है। प्रकाशित रिपोर्ट में जब्त घी की मात्रा करीब 892 किलोग्राम और कीमत लगभग 5.35 लाख रुपये बताई गई है।
फैक्टरी में रिफाइंड पाम ऑयल और क्रीम मिलने के बाद घी की शुद्धता पर संदेह जताया गया। खाद्य विभाग की टीम ने घी के दो, रिफाइंड पाम ऑयल का एक और क्रीम का एक नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। प्रयोगशाला की जांच से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और संभावित मिलावट के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
गंदगी और रिकॉर्ड की कमी पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान फैक्टरी के प्रोसेसिंग क्षेत्र से लेकर भंडारण की जगह तक अस्वच्छ परिस्थितियां मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है। तैयार घी को नॉन-फूड-ग्रेड प्लास्टिक ड्रमों में रखे जाने का भी उल्लेख है।
खाद्य विभाग की टीम ने संचालक से दूध की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड मांगे। रिपोर्ट के अनुसार, संचालक दूध कहां से खरीदता है, इसके पर्याप्त दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। वहीं, फैक्टरी में रिफाइंड पाम ऑयल रखे होने के कारण के बारे में पूछे जाने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई।
इन परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने संबंधित खाद्य सामग्री को सीज करने के साथ नमूने जांच के लिए भेजे और फैक्टरी संचालक को नोटिस जारी किया।
जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
खाद्य पदार्थों की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नमूनों की प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच में यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या मिलावट की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि नमूनों की अंतिम प्रयोगशाला रिपोर्ट जारी हुई है या नहीं। इसलिए घी में किस पदार्थ की कितनी मात्रा में मिलावट हुई, इस बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकेगा।
त्योहारों के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर
त्योहारी सीजन में घी, दूध, क्रीम, पनीर और मिठाइयों जैसे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। हापुड़ में हुई यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के इसी क्रम का हिस्सा है।
निष्कर्ष: हापुड़ में खाद्य विभाग की टीम ने मोदी नगर रोड स्थित घी फैक्टरी से करीब 890 किलो संदिग्ध घी सीज किया है। फैक्टरी में गंदगी और दूध खरीद के रिकॉर्ड की कमी मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। घी की शुद्धता को लेकर अंतिम स्थिति नमूनों की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मिलावट की अंतिम पुष्टि संबंधित नमूनों की प्रयोगशाला जांच और विभागीय कार्रवाई के आधिकारिक निष्कर्षों से होगी।



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