नई दिल्ली: INDIA Bloc (INDIA ब्लॉक) के 10 सांसदों ने शुक्रवार रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए वोट चोरी के आरोपों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इन आरोपों के सबूत मांगे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद क्या बोले खरगे?
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी के आरोपों के बारे में राष्ट्रपति को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कथित तौर पर वोट चोरी हुई है, वहां से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं और सभी जानकारियां राष्ट्रपति को दी जाएंगी।
खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बात सुनी है। उन्होंने चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की मांग भी दोहराई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
राहुल गांधी बोले- राष्ट्रपति ने आरोपों का खंडन नहीं किया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुलाकात को लेकर कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनाव में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बातों का खंडन नहीं किया और कहा कि वह इस मामले पर विचार करेंगी तथा कार्रवाई करेंगी।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लोकतंत्र के लिए गंभीर बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
हालांकि, वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े ये आरोप विपक्षी नेताओं के हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि विपक्ष के दावों के तौर पर देखा जाना चाहिए।
INDIA Bloc ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत 10 सांसद शामिल थे। नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी शिकायतें रखीं और उनके इस्तीफे की मांग की।

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की।
संसद के सेंट्रल हॉल में हुई करीब 30 मिनट बैठक
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में करीब 30 मिनट तक बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन पर चर्चा हुई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहली बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
चार दिनों में तीसरा मार्च
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने पिछले चार दिनों में तीसरा मार्च निकाला। इससे पहले 6 अक्टूबर को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ आयोजित किया गया था।
इसके बाद 7 अक्टूबर को विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। 8 अक्टूबर को सांसदों ने कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला। अब राष्ट्रपति से मुलाकात के जरिए विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और अपनी मांगों को राष्ट्रपति के सामने रखा है।
SIR और चुनाव प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल
विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) भी है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच होनी चाहिए। वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और सबूतों का सामने आना अहम होगा।
फिलहाल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से INDIA ब्लॉक के 10 सांसदों की मुलाकात के बाद वोट चोरी के आरोप, SIR विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग एक बार फिर चर्चा में हैं। खरगे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने आरोपों से जुड़े सबूत मांगे हैं और विपक्ष उन्हें जुटाकर सौंपेगा। अब आगे की कार्रवाई और विपक्ष की ओर से पेश किए जाने वाले सबूतों पर नजर रहेगी।


Leave a Reply