डिप्टी सीएम ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया, INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी दिया बयान
लखनऊ, 29 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा “सांपनाथ”, बसपा “नागनाथ” और कांग्रेस “कालिया नाग” है। उन्होंने दावा किया कि तीनों दल भाजपा के विरोधी हैं और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक साथ मिलकर लड़ें या अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरें, भाजपा को हरा नहीं पाएंगे। मौर्य ने यह भी कहा कि प्रदेश में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाएगी। उनके ये बयान राजनीतिक दावे हैं; आगामी चुनाव का परिणाम अभी तय नहीं है।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मौर्य से INDIA गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल नहीं होने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी सवाल के जवाब में उन्होंने विपक्षी दलों पर टिप्पणी की और कहा कि कौन-सा नेता बैठक में शामिल होता है और कौन नहीं, इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच तालमेल और राजनीतिक रणनीति को लेकर चल रही चर्चा के संदर्भ में देखा जा रहा है।
विपक्षी दलों को लेकर क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य?
केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में सपा, बसपा और कांग्रेस के लिए सांपनाथ, नागनाथ और कालिया नाग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों दल भाजपा के विरोधी हैं। मौर्य के मुताबिक, यदि ये दल आगामी विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं, तब भी हारेंगे और अलग-अलग चुनाव लड़ने पर भी भाजपा को पराजित नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने का दावा भी किया। इस बयान में मौर्य ने विपक्षी दलों के संभावित चुनावी तालमेल को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, चुनाव में किसी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी या सरकार किसकी बनेगी, यह मतदाताओं के फैसले और चुनावी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
INDIA गठबंधन की बैठक क्यों चर्चा में आई?
मौर्य का यह बयान INDIA गठबंधन की प्रस्तावित बैठक को लेकर पूछे गए सवाल के बाद आया। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में गठबंधन की बैठक होनी थी, जिसमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खुद शामिल होने के बजाय उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात सामने आई थी।
अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर जब मौर्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि बैठक में कौन जा रहा है और कौन नहीं, इससे भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने विपक्षी दलों के आपसी तालमेल पर टिप्पणी करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा दोहराया।
इस तरह बयान का केंद्र केवल विपक्षी दलों पर की गई टिप्पणी नहीं था, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव और विपक्षी दलों के संभावित गठबंधन को लेकर भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया भी थी।
अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर कांग्रेस ने क्या बताया?
बैठक में अखिलेश यादव के शामिल नहीं होने को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का बयान भी प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव से बातचीत हुई थी और कांग्रेस अध्यक्ष ने भी उनसे बात की थी। वेणुगोपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की तैयारियों के कारण अखिलेश यादव के लिए बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना मुश्किल हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों के बैठक में शामिल होने की बात कही गई थी।
इस स्पष्टीकरण के अनुसार, अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को राज्यसभा चुनाव से जुड़ी व्यस्तताओं के संदर्भ में बताया गया। इसलिए बैठक में उनकी व्यक्तिगत अनुपस्थिति और गठबंधन की राजनीतिक स्थिति को एक ही निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का दावा
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने विपक्षी दलों के एक साथ आने या अलग-अलग चुनाव लड़ने, दोनों स्थितियों में भाजपा की जीत का दावा किया।
यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच जारी बयानबाजी का हिस्सा है। मौर्य की टिप्पणी भाजपा की ओर से व्यक्त किया गया चुनावी दावा है। इसे चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी या किसी दल की जीत-हार के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
विधानसभा चुनाव में दलों की रणनीति, गठबंधन, उम्मीदवारों का चयन, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं का रुख जैसे कई पहलू महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में मौर्य का बयान और INDIA गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की संभावित गैरमौजूदगी पर दिया गया स्पष्टीकरण प्रमुख बिंदु हैं।
सपा, बसपा और कांग्रेस को लेकर बयान से राजनीतिक चर्चा तेज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और भाजपा प्रमुख राजनीतिक दलों में शामिल हैं। इन दलों के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा और संभावित तालमेल को लेकर नेताओं के बयान राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहते हैं। मौर्य की टिप्पणी भी इसी संदर्भ में सामने आई है।
उनके बयान में विपक्षी दलों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द राजनीतिक कटाक्ष हैं। वहीं, 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर किया गया दावा उनकी पार्टी की चुनावी स्थिति का बयान है। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन की बैठक और अखिलेश यादव की अनुपस्थिति के संबंध में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा चुनाव की तैयारियों का कारण बताया गया।
आगामी चुनाव को लेकर दलों की रणनीति और गठबंधन की स्थिति समय के साथ स्पष्ट होगी। फिलहाल इस घटनाक्रम में मुख्य बात यह है कि केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखी टिप्पणी करते हुए भाजपा की जीत का दावा किया, जबकि अखिलेश यादव की बैठक में अनुपस्थिति को लेकर कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव की व्यस्तताओं का हवाला दिया।



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