राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने की समीक्षा बैठक, फैजुल्लागंज में 12वीं तक का नया शैक्षणिक संस्थान और 132 केवीए का सब-स्टेशन बनाने की भी योजना
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तटबंध, पंपिंग स्टेशन और जल निकासी नेटवर्क विकसित करने की योजना बनाई गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत कार्यों और भविष्य की परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में आईआईएम रोड से पक्कापुल यानी हार्डिंग ब्रिज तक गोमती नदी के बाएं तट पर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित होने की समस्या दूर करने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा।
जलभराव से बचाव के लिए बनेगा समन्वित नेटवर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि तटबंध, पंपिंग स्टेशन और नालों की योजनाएं एक-दूसरे के पूरक के रूप में तैयार की जाएं। इसका उद्देश्य अत्यधिक बारिश या गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में भी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने से रोकना है। मुख्यमंत्री ने जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को तत्काल मजबूत करने के निर्देश भी दिए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना पर काम करने को कहा गया, ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जलभराव प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रभावित इलाकों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए गए। लखनऊ में बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। इसके लिए 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीन, पांच स्वीपिंग मशीन और आठ ट्रैक्टर टैंकर लगाए गए हैं। इसके अलावा 11 टाटा एस माउंटेड और 23 हैंड-हेल्ड मशीनों से फॉगिंग की जा रही है।
फैजुल्लागंज में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
जलभराव प्रभावित फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए एक नए समन्वित शैक्षणिक संस्थान की शीघ्र स्थापना की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी सीएचसी के रूप में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए क्षमता का नया सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।
पेयजल, शौचालय और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था
प्रभावित इलाकों में राहत और बुनियादी सुविधाओं के लिए 75 वाटर टैंकर, 36 मोबाइल शौचालय, 179 प्रकाश बिंदु और 135 मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया गया है। इसके अलावा छह कंट्रोल प्वाइंट भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी को लखनऊ की आत्मा बताते हुए इसके अविरल और निर्मल प्रवाह के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रस्तावित तटबंध, पंपिंग स्टेशन, जल निकासी नेटवर्क और राहत व्यवस्थाओं के जरिए राजधानी के जलभराव प्रभावित इलाकों को राहत देने की योजना है।



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