पिता को अंतिम विदाई देने वाराणसी पहुंचा था अभिषेक सिंह, चिता की लकड़ी को लेकर विवाद के बाद मारपीट का आरोप; बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कराया गया इलाज
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। अभिषेक सिंह अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए घाट पहुंचे थे। इसी दौरान चिता की लकड़ी को लेकर विवाद होने के बाद कथित तौर पर कई लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में अभिषेक घायल होकर बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है।
चिता की लकड़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना 9 अक्टूबर को मणिकर्णिका घाट पर हुई। अंतिम संस्कार के दौरान लकड़ी को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। शिकायत के मुताबिक, अभिषेक सिंह के साथ पहले विवाद हुआ और फिर कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर पीटना शुरू कर दिया।
सामने आए वीडियो में कई लोग एक युवक को घेरकर मारते दिखाई देते हैं। एक व्यक्ति लकड़ी के बड़े टुकड़े से भी वार करता नजर आता है। पिटाई के दौरान युवक नीचे गिर जाता है। हालांकि, वीडियो घटना का एक हिस्सा दिखाता है; विवाद की शुरुआत और सभी संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कराया गया इलाज
मारपीट में घायल अभिषेक को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके सिर में चोट आई थी और वह बेहोश हो गए थे। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के बाद उन्हें शुक्रवार रात अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यह घटना ऐसे समय हुई, जब परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए घाट पर मौजूद था। शोक की स्थिति में पहुंचे परिवार के लिए मारपीट की यह घटना अतिरिक्त परेशानी का कारण बनी। मामले ने घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा और विवाद की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत पर सवाल खड़े किए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, चौक थाना पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि गिरफ्तार लोगों में छह नामजद आरोपी और एक अन्य व्यक्ति शामिल है, जिसकी पहचान जांच के दौरान सामने आई।
इस मामले में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मीडिया रिपोर्टों में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई का उल्लेख है। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मणिकर्णिका घाट पर सुरक्षा को लेकर सवाल
मणिकर्णिका घाट वाराणसी के प्रमुख श्मशान घाटों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर लकड़ी या अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्था को लेकर होने वाला विवाद अगर हिंसा में बदल जाए, तो परिजनों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को विवाद और मारपीट से सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्थाएं हैं। साथ ही, यह भी जरूरी है कि अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाओं या सामग्री को लेकर विवाद होने पर लोग हिंसा का सहारा लेने के बजाय पुलिस या संबंधित प्रशासन से मदद लें।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। घटना के वीडियो, शिकायत और जांच के आधार पर मामले की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
निष्कर्ष: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान चिता की लकड़ी को लेकर विवाद के बाद अभिषेक सिंह की पिटाई का मामला सामने आया। घायल युवक को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए ले जाया गया। वीडियो सामने आने के बाद चौक पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना ने अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा और घाट पर विवादों को रोकने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।



Leave a Reply