Delhi Valmiki Sadan Unsafe Quarters Evacuation: दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर की जर्जर और खतरनाक इमारतों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने बड़ा कदम उठाते हुए वाल्मीकि सदन (Valmiki Sadan) के 145 असुरक्षित क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों को तुरंत घर खाली करने का सख्त आदेश जारी किया है।
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद नगर निकाय और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हो गए हैं। एनडीएमसी (NDMC) ने वाल्मीकि सदन के 8 ब्लॉकों में बने कुल 145 टाइप-1 क्वार्टरों को रहने के लिहाज से बेहद खतरनाक और जर्जर घोषित किया है।
एनडीएमसी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 10 सितंबर को किए गए स्ट्रक्चरल असेसमेंट (Structural Assessment) में इन इमारतों की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि ये इमारतें अब रहने के लायक नहीं हैं और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी एहतियात के तौर पर एनडीएमसी ने यह सख्त कदम उठाया है।
किन क्वार्टरों पर गिरी गाज?
खाली कराए जा रहे 145 टाइप-1 क्वार्टरों का ब्योरा इस प्रकार है:
- पहले चरण के ब्लॉक: इनमें से 81 क्वार्टर 1965-66 में बने तीन मंजिला ब्लॉकों में स्थित हैं।
- दूसरे चरण के ब्लॉक: 64 क्वार्टर 1985-86 के दौरान बनाए गए चार मंजिला ब्लॉकों में शामिल हैं।
इन सभी पुरानी और जर्जर हो चुकी संरचनाओं को असुरक्षित मानते हुए परिवारों को तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट होने और घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा सर्वोपरी, लेकिन पुनर्वास भी जरूरी
पुरानी और जर्जर इमारतों को समय रहते खाली कराना प्रशासन की दूरदर्शिता को दर्शाता है, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके। हालांकि, इन क्वार्टरों में वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के सामने अचानक आशियाने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन की यह भी जिम्मेदारी है कि वह इन परिवारों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास सुनिश्चित करे, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता की आजीविका प्रभावित न हो।


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