गोवा CM का आरोप- चुनाव हारने के बाद EVM पर सवाल उठाती है कांग्रेस; SIR में नाम छूटे तो Form-6 से दोबारा पंजीकरण का विकल्प
पणजी: गोवा में निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विपक्ष पर निशाना साधा है। पणजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सावंत ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाकर चुनाव नहीं जीते जा सकते। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद EVM और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
सावंत के मुताबिक, राजनीतिक दलों को चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय जनता का विश्वास हासिल करने और विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके ये बयान ऐसे समय आए हैं जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
EVM को लेकर कांग्रेस पर क्या बोले सावंत?
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, जबकि जिन राज्यों में पार्टी चुनाव जीतती है, वहां उसी चुनावी व्यवस्था को स्वीकार करती है।
उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी जीत का हवाला देते हुए कहा कि इन राज्यों में भी EVM का इस्तेमाल हुआ था। सावंत ने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे अपने पक्ष में नहीं आने पर EVM से जुड़े सवाल उठाए जाते हैं और बाद में निर्वाचन आयोग को निशाना बनाया जाता है।
यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है; कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया को इस खबर में स्वतंत्र रूप से शामिल नहीं किया गया है।
बैलेट पेपर वाले चुनाव का भी दिया उदाहरण
सावंत ने गोवा के जिला पंचायत चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ, इसके बावजूद चुनावी नतीजों को EVM से जोड़कर देखने का तर्क पर्याप्त नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब EVM का मुद्दा काम नहीं करता तो संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने विपक्ष से चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोपों के बजाय जनता के बीच विश्वास कायम करने और विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।
SIR में नाम छूटने पर Form-6 का विकल्प
मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सावंत ने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं, वे नए सिरे से पंजीकरण के लिए Form-6 का इस्तेमाल कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वोटर सर्विस पोर्टल पर भी SIR-2026 के तहत New Voter Registration के लिए Form-6 उपलब्ध है। आयोग के अनुसार Form-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र भारतीय नागरिकों के नए मतदाता पंजीकरण के लिए किया जा सकता है।
सावंत ने कहा कि नाम दोबारा शामिल किए जाने की प्रक्रिया चुनाव अधिकारियों के सत्यापन के अधीन होगी। उन्होंने SIR को निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया बताते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बताया।
निर्वाचन आयोग को बताया स्वतंत्र संवैधानिक संस्था
मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आयोग की ओर से दी गई हालिया सफाई का भी उल्लेख किया।
सावंत ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्टीकरण सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर उठाई जा रही कई आशंकाओं पर स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने आयोग के कामकाज को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए।
निर्वाचन आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर खुद को चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था के रूप में वर्णित करता है।
चुनावी प्रक्रिया पर सियासी बहस जारी
गोवा में सावंत के ताजा बयान के बाद EVM, निर्वाचन आयोग और SIR को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में है। एक तरफ मुख्यमंत्री विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ SIR और मतदाता सूची में नामों से जुड़े मुद्दे विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे हैं।
इस बीच मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर मतदाता सूची में नाम खोजने, SIR से संबंधित जानकारी देखने और नए पंजीकरण के लिए आवेदन करने की ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं।


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