स्कूल जा रही 12 साल की बच्ची और उसकी मां की कार पर ईंट-पत्थरों की बरसात, शीशे टूटे; तीन हिरासत में, FIR दर्ज
रायबरेली: रायबरेली मां-बेटी पर हमला मामले में स्कूल जा रही महिला और उसकी 12 साल की बेटी की कार पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया। घटना का वीडियो सामने आया है। कार के शीशों पर लगातार वार होते रहे और अंदर बैठी बच्ची डर के मारे अपनी मां से बचाने की गुहार लगाती रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में कुछ लोग कार पर पत्थर फेंकते और एक व्यक्ति को कार के शीशे पर पत्थर से वार करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
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‘मम्मा प्लीज बचा लो…’
हमले के दौरान कार के भीतर फंसी बच्ची की घबराई हुई आवाज वीडियो को और भयावह बना देती है। रिपोर्टों के मुताबिक बच्ची अपनी मां से बार-बार उसे बचाने की गुहार लगाती रही।
जिस वक्त यह हमला हुआ, महिला अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थी। घटना सुबह करीब 7 बजे जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव के पास हुई। पुलिस के मुताबिक हमले में मां और बेटी को चोटें आई हैं।
कार रोकी और शुरू हो गई पत्थरों की बरसात
पुलिस के अनुसार, उड़वा गांव निवासी रिद्धिमा सिंह अपनी बेटी को कार से स्कूल छोड़ने जा रही थीं। गांव के पास पहुंचने पर कुछ लोगों ने कार रोक ली और इसके बाद ईंट-पत्थरों से हमला किया गया।
हमले से कार के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। बच्ची और उसकी मां कार के भीतर थीं और अचानक हुए हमले से दोनों घबरा गईं।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की पहचान तथा घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।
तीन हिरासत में, FIR में नामजद और अज्ञात आरोपी
रिद्धिमा सिंह की शिकायत पर जगतपुर थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक मामले में तीन नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों का उल्लेख किया गया है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने रीतेश मिश्रा, सत्यम मिश्रा और शिवम मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और वायरल वीडियो समेत दूसरे साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
सीओ डलमऊ गिरिजाशंकर त्रिपाठी के मुताबिक रिद्धिमा सिंह और ग्राम प्रधान रमेश मिश्रा के बीच पहले से जमीन को लेकर विवाद बताया जा रहा है। पुलिस इसी विवाद को भी घटना के संभावित कारण के तौर पर जांच रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल-सड़क पर इस तरह हमला कैसे?
मामले ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक महिला अपनी बच्ची को स्कूल लेकर जा रही है। रास्ते में कार रोकी जाती है। इसके बाद कार पर ईंट-पत्थर बरसाए जाते हैं और बच्ची मदद के लिए चीखती है।
ऐसे में सवाल सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं है। सवाल यह भी है कि आखिर सार्वजनिक रास्ते पर इस तरह हमला करने की हिम्मत कैसे हुई?
क्या जमीन विवाद के चलते यह हमला हुआ?
क्या हमले में और लोग शामिल थे?
क्या वायरल वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान हुई?
और क्या मामले में शामिल हर आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
पहले भी विवाद में आया था उड़वा प्रधान का नाम
उड़वा गांव के ग्राम प्रधान रमेश मिश्रा का नाम इससे पहले भी जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में सामने आया था। वर्ष 2022 में कुंवर मोहित सिंह की शिकायत पर प्रधान रमेश मिश्रा, उनके भाई समेत कई लोगों के खिलाफ कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
हालांकि, मौजूदा हमले की घटना और पुराने मामले के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन के सामने साफ चुनौती
रायबरेली की इस घटना का वीडियो सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला एक और वीडियो नहीं है। यह उस डर की तस्वीर है जो उस वक्त एक बच्ची ने अपनी मां के साथ कार के भीतर महसूस किया।
पुलिस ने FIR दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अब निगाहें जांच पर हैं। यह साफ होना जरूरी है कि हमला क्यों हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल था और वीडियो में दिखाई दे रहे हर व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
कानून-व्यवस्था का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब जांच निष्पक्ष हो और दोष साबित होने पर हर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो।


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