सपा छोड़ने की वजह बताते हुए विधायक ने दुर्घटना के बाद हालचाल न पूछने और 11 दिन धरने पर रहने के दौरान मुलाकात नहीं करने का लगाया आरोप; 14 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने की घोषणा
अमेठी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से दूरी बनाने के बाद गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह काअखिलेश यादव पर आरोप । भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी नाराजगी की वजह बताते हुए कहा कि उनका एक्सीडेंट हुआ, लेकिन अखिलेश यादव ने उनका हालचाल तक नहीं पूछा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह 11 दिन तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन उनसे मिलने कोई नहीं आया। रामचरितमानस जलाए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव चुप रहे। उन्होंने कहा कि वह “सनातन विरोधी मानसिकता” वाले लोगों के साथ अब और राजनीति नहीं कर सकते।
राकेश प्रताप सिंह के ये बयान समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले के बीच सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की घोषणा की है। उन्होंने सपा से अलग होने की वजह बताते हुए धार्मिक मुद्दों, पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
एक्सीडेंट के बाद हालचाल नहीं पूछने का लगाया आरोप
राकेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के प्रति अपनी नाराजगी का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्घटना होने के बाद भी पार्टी अध्यक्ष ने उनका हालचाल नहीं पूछा। उनके मुताबिक, यह घटना उनके और सपा नेतृत्व के बीच दूरी की एक वजह रही।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वह 11 दिन तक धरने पर बैठे रहे, तब भी अखिलेश यादव उनसे मिलने नहीं आए। राकेश प्रताप सिंह ने इन घटनाओं को अपने राजनीतिक फैसले और पार्टी से दूरी बनाने के कारणों में शामिल बताया।
हालांकि, दुर्घटना, धरने और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया से जुड़े इन बिंदुओं को फिलहाल राकेश प्रताप सिंह के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन घटनाओं के संबंध में अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
रामचरितमानस विवाद का भी किया जिक्र
राकेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में रामचरितमानस से जुड़े विवाद को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचरितमानस जलाए जाने के समय अखिलेश यादव ने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणियों से जुड़े मुद्दों पर वह समझौता नहीं कर सकते।
इससे पहले भी राकेश प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी में रहते हुए रामचरितमानस और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति जाहिर कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस जलाने या फाड़ने और हिंदू धर्म के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के साथ राजनीति करना उनके लिए संभव नहीं है।
उनके मुताबिक, राजनीति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और समाज के लोगों के विकास के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवादों को अपनी पार्टी से दूरी की वजहों में गिनाया है।
14 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने की घोषणा
राकेश प्रताप सिंह ने घोषणा की है कि वह 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मौके पर अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण करने की योजना बताई गई है।
राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज विधानसभा सीट से लगातार तीन बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। वर्ष 2025 के राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उनका नाम चर्चा में आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी ने जून 2025 में उन्हें निष्कासित कर दिया था।
सपा नेतृत्व पर पहले भी उठाए सवाल
राकेश प्रताप सिंह ने पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए केवल धार्मिक मुद्दों का ही उल्लेख नहीं किया, बल्कि सपा में परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा दिए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने पार्टी की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहते, जहां उनके विचारों और आपत्तियों को महत्व न मिले। ये आरोप उनके अपने राजनीतिक आकलन और पार्टी छोड़ने के कारणों के रूप में सामने आए हैं।
उनके भाजपा में शामिल होने से अमेठी और गौरीगंज की स्थानीय राजनीति में नए घटनाक्रम की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका, उम्मीदवार के तौर पर उनकी स्थिति और भाजपा की रणनीति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। उम्मीदवारों के चयन का फैसला संबंधित पार्टी का नेतृत्व करेगा।
बयान पर सपा की प्रतिक्रिया भी होगी अहम
राकेश प्रताप सिंह का अखिलेश यादव पर आरोप व्यवहार और समाजवादी पार्टी की विचारधारा को लेकर लगाए हैं, वे उनके भाजपा में शामिल होने के फैसले के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर अखिलेश यादव या सपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद के दूसरे पक्ष को भी समझा जा सकेगा।
फिलहाल, राकेश प्रताप सिंह ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक करते हुए भाजपा में शामिल होने की घोषणा की है। उनके बयान में दुर्घटना के बाद हालचाल न पूछने, 11 दिन के धरने के दौरान मुलाकात नहीं करने और रामचरितमानस विवाद पर चुप्पी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इन आरोपों और उनके राजनीतिक फैसले से जुड़ी आगे की गतिविधियों पर नजर रहेगी।



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