आजमगढ़ बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में उत्तर प्रदेश की दो युवतियों बबीता और राधा की गिरफ्तारी के बाद हथियारों की सप्लाई से जुड़े कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ की बबीता और सीतापुर की राधा पर आरोप है कि उन्होंने शूटरों तक वह पिस्तौल पहुंचाने में मदद की, जिसका इस्तेमाल 18 अक्टूबर 2026 को हुई फायरिंग में किए जाने की आशंका है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों महिलाओं को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। इस मामले में तीन कथित शूटरों के साथ हथियारों की आपूर्ति और अन्य मदद से जुड़े चार लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस जांच में हरियाणा के सोनीपत से जुड़े कुणाल और सुमित के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की पूरी साजिश का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा।
आजमगढ़ की बबीता और सीतापुर की राधा पर क्या हैं आरोप?
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिलाओं की पहचान बबीता और राधा के रूप में हुई है। बबीता आजमगढ़ और राधा सीतापुर की रहने वाली बताई गई हैं। रिपोर्टों में दोनों की उम्र करीब 23 वर्ष बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र में रहकर नौकरी करती थीं।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बबीता आजमगढ़ के कोठियार क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि राधा सीतापुर के मिश्रिख थाना क्षेत्र के नहवइया गांव की निवासी बताई गई है। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
परिवारों को उनकी नौकरी और गतिविधियों के बारे में क्या जानकारी थी, इस संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनके निजी जीवन और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े दावों को जांच से पुष्ट तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
अमृतसर से मुंबई तक कैसे पहुंची पिस्तौल?
इंडिया टुडे और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में हथियारों की सप्लाई के लिए कई शहरों से जुड़ा रास्ता सामने आया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुणाल और सुमित अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आए थे। पुलिस के अनुसार, हथियार पहले से तय एक स्थान पर रखे गए थे, जहां से उन्हें उठाया गया। इस तरीके को रिपोर्टों में ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा गया है।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद हथियारों को दिल्ली से मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी बबीता और राधा को दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हुईं और 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर पहुंचीं। पुलिस का आरोप है कि राधा के बैग में पिस्तौल थी और मुंबई पहुंचने के बाद एक नाबालिग लड़के ने होटल के पास से बैग लिया।
अगले दिन, यानी 18 अक्टूबर की शाम, टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। जांच एजेंसियां इस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार किसके निर्देश पर पहुंचाए गए और फायरिंग में शामिल लोगों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ।
10 से 12 हजार रुपये देने का पुलिस का दावा
हथियारों की कथित सप्लाई के बदले भुगतान को लेकर भी जांच में जानकारी सामने आई है। हिंदुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे की रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का दावा है कि हथियारों की आवाजाही का काम कराने वाले लोगों को करीब 70 से 80 हजार रुपये मिले थे। इसमें से हथियार पहुंचाने वाली महिलाओं को लगभग 10 से 12 हजार रुपये दिए गए।
यह रकम और भुगतान से जुड़ी जानकारी पुलिस की शुरुआती जांच के हवाले से सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां कथित भुगतान, संपर्कों और हथियारों की आपूर्ति में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन कथित शूटर और हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार लोग शामिल हैं।
तीन कथित शूटरों के नाम ऋतिक, रेहान और फूल सिंह बताए गए हैं। हथियार सप्लाई से जुड़े मामले में कुणाल, सुमित, बबीता और राधा की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। आरोपियों का संबंध उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार से बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, हथियारों की सप्लाई, फायरिंग के बाद कथित तौर पर आरोपियों की मदद और उनके आपसी संपर्कों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि हथियार किसने उपलब्ध कराए, पूरी योजना किसके निर्देश पर बनी और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।
टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू क्षेत्र में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में कथित शूटरों की तलाश की गई और बाद में राजस्थान के कोटा से तीन लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह पहलू भी सामने आया कि टाइगर श्रॉफ कथित तौर पर हमलावरों का मूल निशाना नहीं थे और सुरक्षा व्यवस्था के कारण योजना में बदलाव हुआ हो सकता है। यह पुलिस जांच से जुड़ा दावा है, जिसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी सभी आरोपियों की भूमिका
इस मामले में पुलिस हथियारों की सप्लाई, आरोपियों के बीच कथित संपर्क, भुगतान और फायरिंग के पीछे के उद्देश्य की जांच कर रही है। बबीता और राधा पर हथियार पहुंचाने में मदद करने का आरोप है, लेकिन गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में सभी आरोपियों की भूमिका का निर्धारण साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
निष्कर्ष: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में उत्तर प्रदेश की बबीता और राधा समेत सात आरोपियों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस का दावा है कि दोनों महिलाओं को पिस्तौल मुंबई पहुंचाने के लिए 10 से 12 हजार रुपये दिए गए थे। हथियारों की सप्लाई और फायरिंग की साजिश से जुड़ी जांच अभी जारी है।



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