लखनऊ। उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच अंतरराज्यीय बस सेवाओं के विस्तार और दोनों राज्यों के यात्रियों को सुलभ आवागमन मुहैया कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ स्थित होटल अवध क्लार्क में उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच 14 नए मार्गों पर बसों के संचालन को लेकर ऐतिहासिक सहमति बनी है।
इस नई पहल के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के मध्य संचालित होने वाले कुल बस रूटों की संख्या बढ़कर 39 हो जाएगी।
2016 के बाद बस सेवाओं का बड़ा विस्तार
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बैठक के बाद जानकारी दी कि दोनों राज्यों के बीच वर्ष 2016 से 25 विभिन्न मार्गों पर बसों का सफल संचालन किया जा रहा था। अब 14 नए रूट जुड़ जाने से न केवल यूपी और बिहार के सीमावर्ती जिलों के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान जाने वाले यात्रियों को भी सीधी और आरामदायक परिवहन सेवा मिल सकेगी।
यात्रियों की सहूलियत: बिहार से बड़ी संख्या में लोग काम-काज, शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में यूपी होते हुए दिल्ली-एनसीआर और अन्य पड़ोसी राज्यों की यात्रा करते हैं, जिन्हें इस फैसले से सीधा फायदा होगा।
सीमावर्ती जिलों को लाभ: दोनों राज्यों की सीमा से सटे जनपदों के लोगों को दैनिक आवागमन और छोटे-मोटे कार्यों के लिए अब निजी या महंगे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: ‘अयोध्या-सीतामढ़ी’ और ‘बौद्ध सर्किट’ पर विशेष जोर
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री ने धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने अयोध्या को सीतामढ़ी तथा गया (बिहार) से सीधे बस सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इसके साथ ही बाबा बैजनाथ धाम (देवघर) और गंगासागर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विचार करने का आग्रह किया।
सीतामढ़ी और बौद्ध सर्किट: बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि बिहार सरकार बौद्ध सर्किट और माता सीता की प्राकट्य स्थली सीतामढ़ी के विकास पर तेजी से काम कर रही है। ऐसे में इन धार्मिक स्थलों तक बस सेवा शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी आसानी होगी।
परिवहन निगम की आय में वृद्धि: दोनों मंत्रियों ने माना कि नए रूटों की शुरुआत से श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के परिवहन निगमों के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी।
‘दोस्ती और प्रगाढ़ होंगे संबंध’: बिहार के परिवहन मंत्री
बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी सरकार ने न केवल प्रस्तावित 14 रूटों पर अपनी त्वरित सहमति दी, बल्कि भविष्य में अन्य नए मार्गों पर भी बसें चलाने का सकारात्मक आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
बैठक के मुख्य बिंदु
नया समझौता: उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच 14 नए बस रूटों पर सहमति।
कुल संचालित रूट: 25 पुराने रूट + 14 नए रूट = कुल 39 मार्ग।
प्रमुख फोकस क्षेत्र: अयोध्या-सीतामढ़ी कनेक्टिविटी, बौद्ध सर्किट, दिल्ली-एनसीआर जाने वाले यात्री।
बैठक का स्थल: होटल अवध क्लार्क, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)।


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