काशी की देव दीपावली को व्यापक पहचान दिलाने में निभाई थी अहम भूमिका
वाराणसी। काशी की विश्वविख्यात देव दीपावली को व्यापक स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष पं. वागीश दत्त मिश्र के आकस्मिक निधन की खबर सामने आई है। उनके निधन से देव दीपावली आयोजन से जुड़े लोगों और धार्मिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पं. वागीश दत्त मिश्र का निधन : वाराणसी में देव दीपावली के आयोजन और उसकी परंपरा को आगे बढ़ाने से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल रहे। देव दीपावली काशी का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है, जिसमें कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। समय के साथ यह आयोजन देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना है।
देव दीपावली को व्यापक स्वरूप देने में रहा योगदान
पं. वागीश दत्त मिश्र केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष के रूप में आयोजन से जुड़े रहे। उनके योगदान का उल्लेख देव दीपावली को घाटों तक सीमित न रखकर काशी के व्यापक धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव के रूप में विकसित करने के संदर्भ में किया जाता रहा है।
देव दीपावली के आयोजन में गंगा घाटों की सजावट, दीपदान, धार्मिक अनुष्ठान और विभिन्न समितियों की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है। आयोजन की तैयारियों और परंपराओं को आगे बढ़ाने में धार्मिक संगठनों तथा स्थानीय समितियों की भूमिका रहती है। पं. मिश्र भी इस आयोजन से जुड़े प्रमुख लोगों में रहे।
काशी के धार्मिक-सांस्कृतिक जीवन में देव दीपावली का विशेष महत्व
वाराणसी में देव दीपावली का पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर मनाया जाता है। इस अवसर पर गंगा के घाटों पर दीप जलाए जाते हैं और श्रद्धालु पूजा-अर्चना तथा दीपदान करते हैं। यह आयोजन काशी की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पं. वागीश दत्त मिश्र के निधन की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब देव दीपावली की परंपरा और आयोजन से जुड़े लोगों के बीच उनका योगदान याद किया जा रहा है।



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