सीएम ने खुलाड़ियों के लिए अहम ऐलान किया, योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी पर दी प्रदेशवासियों को बधाई,
लखनऊ, 16 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, मां कात्यायनी को नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक बताया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिला खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों, खेल सुविधाओं के विस्तार और पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट के जरिए प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, खेलों के विकास और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से जुड़े अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मां कात्यायनी समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली देवी हैं। उनके अनुसार, मां कात्यायनी का स्वरूप महिलाओं के साहस, संकल्प और संघर्ष की प्रेरणा देता है।
2017 से पहले बेटियों के सपनों पर बंदिशों का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था, जिसमें बेटियों के सपनों पर पहरे थे और उनके हौसलों पर बंदिशें थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अवसरों और संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाता था।
उन्होंने खेल के मैदानों और खेल संसाधनों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मैदानों पर माफिया का कब्जा था और बेटियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। उनके अनुसार, अब प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर देने और खेलों से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है।
ये बातें मुख्यमंत्री की ओर से पिछली सरकारों के कार्यकाल और वर्तमान व्यवस्था की तुलना करते हुए कही गईं।
सुरक्षा और प्रोत्साहन को बताया बदलाव का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भय की जगह सुरक्षा, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन और संसाधनों की कमी की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ली है।
योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण स्तर से लेकर उच्च स्तरीय खेल संस्थानों तक उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांवों के खेल मैदानों, ब्लॉक स्तर के मिनी स्टेडियमों और जिला स्तरीय स्टेडियमों से लेकर मंडल स्तर के स्पोर्ट्स कॉलेज तक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सुविधाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, अभ्यास और प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर आधार उपलब्ध कराना है, ताकि वे राज्य और देश के लिए खेलों में उपलब्धियां हासिल कर सकें।
‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों-करोड़ों रुपये तक के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। साथ ही, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, खिलाड़ियों को केवल उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा देने से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
खेलों में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के साथ रोजगार के अवसर भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं को मिलने वाले पुरस्कारों और भर्ती व्यवस्था को प्रदेश की खेल नीति का हिस्सा बताया।
महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का किया उल्लेख
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने उन महिला खिलाड़ियों के नाम भी गिनाए, जिन्होंने विभिन्न खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी का उल्लेख किया।
इसके अलावा जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया तथा कुश्ती में दिव्या काकरान की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन किया है।
इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के अवसर और बेहतर संसाधन मिलने से महिला प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलता है।
नवरात्रि पर नारीशक्ति का संदेश
शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की उपासना की धार्मिक परंपरा के बीच मुख्यमंत्री ने नारीशक्ति के साहस और संकल्प को अपने संदेश का केंद्र बनाया। उन्होंने देवी के स्वरूप को बाधाओं से संघर्ष करने और लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा से जोड़ा।
मुख्यमंत्री के संदेश में धार्मिक आस्था के साथ महिला सुरक्षा, खेल सुविधाओं और महिला खिलाड़ियों के प्रोत्साहन का भी उल्लेख रहा। उन्होंने प्रदेश में खेलों के विस्तार और पदक विजेताओं के सम्मान को महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
निष्कर्ष: नवरात्रि की षष्ठी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कात्यायनी को नारीशक्ति के साहस और पराक्रम का प्रतीक बताते हुए उत्तर प्रदेश में महिला खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती, खेल सुविधाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाली महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
डिस्क्लेमर: पिछली सरकारों की स्थिति और वर्तमान व्यवस्था से जुड़े राजनीतिक वक्तव्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष के बजाय उनके दावों और विचारों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।



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