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National · October 21, 2026 · admin

CM योगी की पुलिसकर्मियों को सौगात: मोटरसाइकिल भत्ता ₹1,000, वर्दी भत्ता ₹15 हजार और सिम भत्ता ₹2,500

पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह करने, प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारियों का वर्दी भत्ता ₹6,400 से बढ़ाकर ₹15,000 करने और फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों तथा मुख्य आरक्षियों का मोबाइल/सिम भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह करने की घोषणा की।

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों के बलिदान को याद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्र पुलिस के उन जवानों का हमेशा ऋणी रहेगा, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ते में कितनी बढ़ोतरी?

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत अलग-अलग श्रेणियों के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को लाभ मिलेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, भत्तों की नई दरें इस प्रकार हैं:

भत्ते का प्रकारपुरानी दरघोषित नई दर
फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक और निरीक्षक का मोटरसाइकिल भत्ता₹700 प्रतिमाह₹1,000 प्रतिमाह
पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता₹6,400₹15,000
फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षी और मुख्य आरक्षी का मोबाइल/सिम भत्ता₹2,000 प्रतिमाह₹2,500 प्रतिमाह

इन घोषणाओं में मोटरसाइकिल और मोबाइल/सिम भत्ते की नई दरें क्रमशः ₹300 और ₹500 की बढ़ोतरी दर्शाती हैं। पीपीएस अधिकारियों के वर्दी भत्ते में ₹8,600 की वृद्धि की घोषणा की गई है।

पिछले एक साल में 154 पुलिसकर्मी शहीद: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान देश में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण गंवाए। इनमें उत्तर प्रदेश के छह पुलिसकर्मी भी शामिल थे। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों का बलिदान देश की सुरक्षा और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अब तक ₹425 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने पुलिस बल के योगदान को याद करते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों की देखभाल और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर ध्यान देना सरकार की जिम्मेदारी है।

कानून-व्यवस्था पर पिछली सरकारों को लेकर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस अवधि में प्रदेश में 815 दंगे हुए थे। उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों पर कानून-व्यवस्था कमजोर करने का आरोप लगाया।

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था और अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि पहले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सत्ता के गलियारों से फोन आते थे और कई बार कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को ही परेशानी का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपराधियों और माफिया के समर्थन में खड़े होने वाले लोगों को पुलिस शहीदों के बच्चों और परिवारों के दुख को भी समझना चाहिए। ये कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप और उनके संबोधन में रखे गए दावे हैं।

2017 के बाद पुलिस व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पुलिस बल को मजबूत करने, संसाधन उपलब्ध कराने और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तथा प्रशिक्षण व्यवस्था का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को बेहतर सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकें।

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और उनके परिवारों के योगदान को भी रेखांकित किया।

भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणाओं से पुलिस विभाग की कुछ श्रेणियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। हालांकि, नई दरों के लागू होने की प्रभावी तारीख और भुगतान संबंधी विस्तृत प्रक्रिया के लिए विभागीय आदेश या सरकार की औपचारिक अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

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