लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत माता-पिता को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस पर निशाना साधा है। केशव प्रसाद मौर्य का कांग्रेस पर हमला, कहा- कांग्रेस से प्रधानमंत्री और देश की जनता से तत्काल माफी मांगे । मौर्य ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर भाषा की मर्यादा और संस्कारों को भूलना स्वीकार्य नहीं है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने वाली देश की जनता का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने आचरण के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
यह प्रतिक्रिया 26 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में सामने आई। हालांकि, उपलब्ध विज्ञप्ति में कथित टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता का नाम और टिप्पणी के सटीक शब्दों का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस मामले में संबंधित बयान और उसकी पृष्ठभूमि की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राजनीतिक विरोध में भाषा की मर्यादा जरूरी: केशव मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सरकार और उसके नेताओं की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। लेकिन आलोचना करते समय भाषा की मर्यादा और सामाजिक संस्कारों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के दिवंगत माता-पिता के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे कांग्रेस की राजनीतिक सोच से जोड़कर देखा। मौर्य ने कहा कि राजनीतिक विरोध के दौरान भी शालीनता और जिम्मेदारी बनाए रखी जानी चाहिए।
उप मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतंत्र में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की।
गरीब परिवार से आने वाले व्यक्ति का प्रधानमंत्री बनना लोकतंत्र की ताकत: मौर्य
उप मुख्यमंत्री ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि एक गरीब मां-बाप का बेटा अपनी मेहनत, समर्पण और जनसेवा के बल पर देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक पहुंचा है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की ताकत बताया।
मौर्य ने आरोप लगाया कि सत्ता से दूर होने की हताशा में कांग्रेस अपनी भाषा की मर्यादा भूलती जा रही है। यह उनकी ओर से कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर की गई आलोचना थी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और राजनीतिक विचार व्यक्त करने का अधिकार है। हालांकि, इस अधिकार के साथ जिम्मेदारी और शालीनता भी आवश्यक है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को अपने सार्वजनिक बयानों में इन मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए।
गाली का जवाब गाली से देना भाजपा के संस्कार नहीं: केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संस्कार गाली का जवाब गाली से देना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच जाकर अपनी बात रखना है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने मताधिकार के माध्यम से कांग्रेस को जवाब देगी। मौर्य ने कांग्रेस पर अहंकार और अमर्यादित राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगी।
उनके बयान में राजनीतिक संवाद के दौरान भाषा की मर्यादा, जनादेश के सम्मान और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस से प्रधानमंत्री और जनता से माफी मांगने की मांग
उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से मांग की कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की जनता से तत्काल माफी मांगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उन्हें जनादेश देने वाली जनता का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मौर्य का यह बयान कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में कथित टिप्पणी का पूरा संदर्भ, संबंधित कांग्रेस नेता की पहचान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
इन तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित टिप्पणी किसने की, किन परिस्थितियों में की गई और इस पर संबंधित पक्ष का क्या कहना है।



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