iPhone Langar Chandigarh Controversy: पंजाब और चंडीगढ़ के गलियारों में इस वक्त एक खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है। अमृतसर के जाने-माने बिजनेसमैन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राकेश त्रेहान (उर्फ ‘राजा डी किंग’) ने 22 सितंबर को लाखों रुपये के iPhone 18 Pro और 18 Pro Max बांटने के लिए ‘आईफोन लंगर’ लगाने का बड़ा ऐलान किया था। जहां एक तरफ मुफ्त में आईफोन पाने के लिए लोगों की भीड़ जुटने की तैयारी थी, वहीं आखिरी वक्त में चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस ने ऐसा दांव चला जिसने आयोजकों के होश उड़ा दिए हैं।
आखिर क्यों बैकफुट पर आया प्रशासन? जानिए रोक के पीछे की असली वजह
जब से 1,000 आईफोन बांटे जाने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तब से चंडीगढ़ और मोहाली के युवाओं में भारी होड़ मच गई थी। हालांकि, 22 सितंबर की तारीख से ठीक पहले चंडीगढ़ पुलिस और डिप्टी कमिश्नर ने इस पूरे आयोजन पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया:
- मच सकती थी भारी तबाही: प्रशासन को आशंका थी कि लाखों रुपये के फोन मुफ्त में बंटने की खबर से हजारों की अनियंत्रित भीड़ जमा हो जाएगी, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था और भगदड़ (Stampede) का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
- पुराना ‘पेट्रोल लंगर’ कांड: इससे पहले जब सेक्टर-10 में राकेश त्रेहान ने ‘पेट्रोल का लंगर’ लगाया था, तब भी भारी अफरा-तफरी मच गई थी और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचकर पेट्रोल पंप बंद कराना पड़ा था।
- सख्त कानूनी चेतावनी: पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना आधिकारिक मंजूरी के ऐसा कोई भी कार्यक्रम आयोजित करना BNSS की धारा 163 का उल्लंघन माना जाएगा और आयोजकों पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
क्या वाकई फ्री में मिलने वाले थे iPhone 18 Pro?
सोशल मीडिया पर किए गए दावों के मुताबिक, इस गिवअवे और लकी ड्रा में शामिल होने के लिए कुछ बेहद अजीब नियम तय किए गए थे
| विवरण | घोषणा व नियम |
| कौन से फोन मिलने थे? | सिर्फ iPhone 17 और लेटेस्ट iPhone 18 सीरीज (पुराने मॉडल जैसे iPhone 16 बाहर थे)। |
| पहले चरण का प्लान | 22 सितंबर को मीडिया के सामने लाइव ड्रा के जरिए 10 आईफोन बांटे जाने थे। |
| विजेता बनने की शर्त | सोशल मीडिया पोस्ट पर रोजाना ‘जय माता दी’ कमेंट करने वालों को ही लकी ड्रा में जगह मिलनी थी। |
वायरल पब्लिसिटी का खेल या जनसुरक्षा से खिलवाड़?
सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बटोरने के लिए ‘पेट्रोल लंगर’ या ‘आईफोन लंगर’ जैसे प्रयोग ट्रेंड बन चुके हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या केवल पब्लिसिटी के लिए बिना सुरक्षा इंतजामों के हजारों लोगों की जान जोखिम में डालना सही है? चंडीगढ़ प्रशासन का समय रहते इस आयोजन पर रोक लगाना एक बेहद जिम्मेदार और जरूरी कदम है। दान या लंगर का असली मकसद समाज के अभावग्रस्त लोगों की मदद होना चाहिए, न कि महंगे गैजेट्स का सरेआम तमाशा बनाना।


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