राजनीति में उतरने का ऐलान करने के बाद पहली बार पहुंचीं दिव्या मित्तल मिर्जापुर, समर्थकों ने फूल बरसाकर किया स्वागत; पार्टी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
मिर्जापुर। रविवार, उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने का ऐलान कर चुकीं पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल मिर्जापुर पहुंचीं। यहां उनके स्वागत के लिए लोग जुटे और फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए। उनके मिर्जापुर पहुंचने का वीडियो सामने आने के बाद जिले में उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दिव्या मित्तल मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। इसी वजह से जिले से उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। अब राजनीति में आने की घोषणा के बाद उनके मिर्जापुर पहुंचने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, उनके स्वागत को किसी राजनीतिक दल के समर्थन या चुनावी उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
मिर्जापुर में हुआ स्वागत, फूल बरसाकर किया अभिनंदन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिव्या मित्तल के मिर्जापुर पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत किया। उनके वाहन के पहुंचने पर कुछ लोगों ने नारे लगाए और फूल बरसाए। अमर उजाला की रिपोर्ट में गैपुरा चौराहे पर उनके स्वागत का उल्लेख किया गया है।
दिव्या मित्तल पहले मिर्जापुर में जिलाधिकारी के पद पर काम कर चुकी हैं। उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान जिले से जुड़े कई मुद्दे सामने आए थे। अब सरकारी सेवा छोड़कर राजनीति में आने के उनके फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी अगली भूमिका को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
राजनीति में आने का ऐलान कर चुकी हैं दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल ने सितंबर के अंत में राजनीति में आने की घोषणा की थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं अक्सर शासन-प्रशासन तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने स्कूलों के निर्माण, बुनियादी सुविधाओं, खराब सड़कों और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दों का उल्लेख भी किया था।
उन्होंने अपनी राजनीतिक पहल को किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे चलाने के बजाय लोगों के मुद्दों से जोड़कर पेश किया था। ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि वह किसी खास पार्टी में शामिल होने जा रही हैं।
क्या मिर्जापुर से लड़ सकती हैं विधानसभा चुनाव?
दिव्या मित्तल के मिर्जापुर पहुंचने के बाद यह चर्चा फिर तेज हो गई है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इसी जिले से अपनी राजनीतिक पारी शुरू कर सकती हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की संभावना का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उनकी ओर से किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरेंगी या अपनी अलग राजनीतिक पहल को आगे बढ़ाएंगी। उनकी पहले की सार्वजनिक घोषणा में पार्टी के झंडे के बिना लोगों के मुद्दों पर राजनीति करने की बात कही गई थी।
किस पार्टी में जाएंगी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल की राजनीतिक भूमिका को लेकर एक और सवाल यह है कि क्या वह किसी पार्टी में शामिल होंगी। अभी तक उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में उनके किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या किसी अन्य दल से उनके जुड़ने की बात को फिलहाल अटकल से आगे नहीं माना जा सकता।
कुछ रिपोर्टों में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से जुड़े नेताओं की ओर से उनके राजनीति में आने का स्वागत किए जाने और पोस्टर को लेकर चर्चाओं का जिक्र हुआ है। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि दिव्या मित्तल ने उस पार्टी में शामिल होने या उसके टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है।
आगे क्या होगा?
दिव्या मित्तल के मिर्जापुर पहुंचने और वहां हुए स्वागत से उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं जरूर बढ़ी हैं। लेकिन उनकी चुनावी रणनीति, संभावित सीट और राजनीतिक दल को लेकर अंतिम स्थिति उनके आधिकारिक बयान या किसी औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा की है, लेकिन किस पार्टी से और किस सीट से चुनाव लड़ेंगी, इस पर अभी अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं हुआ है।
डिस्क्लेमर: चुनाव लड़ने की सीट और राजनीतिक दल से जुड़ी बातें अभी संभावनाओं और चर्चाओं के स्तर पर हैं। किसी पार्टी में शामिल होने या उम्मीदवार बनने की औपचारिक घोषणा की पुष्टि होने तक इन्हें तय तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



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