2025 में भारत को पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली कप्तान का बड़ा फैसला, सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का ऐलान
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि उनका क्रिकेट सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और वह भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलना जारी रखेंगी।
हरमनप्रीत कौर का यह फैसला भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाया और नवंबर 2025 में भारत को पहली बार ICC महिला वनडे क्रिकेट विश्व कप जिताने वाली कप्तान बनीं। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था।
भावुक संदेश के साथ कप्तानी से विदाई
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने अपने सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कप्तानी के साथ वर्षों की यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने बतौर कप्तान अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई और टीम को अपना सब कुछ दिया। अब वह एक बार फिर खेल के प्रति अपने प्यार के लिए खेलने पर ध्यान देना चाहती हैं।
हरमनप्रीत ने भरोसा जताया कि भारतीय टीम अच्छी स्थिति में है और उसके पास प्रतिभा, चरित्र और भविष्य की मजबूत संभावनाएं हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कप्तानी का अध्याय भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट से उनका जुड़ाव जारी रहेगा।
BCCI रिव्यू मीटिंग के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत कौर का यह फैसला गुवाहाटी में हुई भारतीय महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद सामने आया। इस बैठक में BCCI सचिव देवजीत सैकिया, हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार शामिल हुए थे। बैठक में टीम के पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन और आगे की दिशा पर चर्चा हुई थी।
फिलहाल भारतीय महिला टीम के नए कप्तान के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। स्मृति मंधाना का नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर चर्चा में है, लेकिन इसे अभी आधिकारिक नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
2016 में शुरू हुआ कप्तानी का सफर
हरमनप्रीत कौर ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में वह वनडे टीम की कप्तान बनीं और 2023 तक वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बन चुकी थीं। BCCI के आधिकारिक रिकॉर्ड में 2022 के इंग्लैंड दौरे के लिए भी उन्हें टी20 और वनडे दोनों टीमों का कप्तान घोषित किया गया था।
करीब एक दशक लंबे नेतृत्व सफर में हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल रहीं।
2025 में रचा इतिहास
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला वनडे विश्व कप रही। भारत ने घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता और हरमनप्रीत इस ऐतिहासिक जीत की कप्तान थीं।
इस जीत के साथ वह भारत की पहली महिला कप्तान बनीं जिसने सीनियर स्तर पर विश्व कप ट्रॉफी उठाई। वह कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत को सीनियर विश्व कप जिताने वाली तीसरी भारतीय कप्तान भी बनीं।
हरमनप्रीत कौर की प्रोफाइल
हरमनप्रीत कौर का जन्म 8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में हुआ। उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। वह दाएं हाथ की बल्लेबाज और ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हैं।
2017 महिला विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी 171 रन की नाबाद पारी आज भी महिला क्रिकेट की यादगार पारियों में गिनी जाती है। इसी पारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान को और मजबूत किया।
2026 में हरमनप्रीत ने अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया। फरवरी 2026 में वह सभी फॉर्मेट मिलाकर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला क्रिकेटर बनीं। उस समय उनके नाम 356 अंतरराष्ट्रीय मैच थे और उन्होंने न्यूजीलैंड की सुजी बेट्स को पीछे छोड़ा था।
कप्तानी खत्म, क्रिकेट का सफर जारी
हरमनप्रीत कौर के फैसले का सबसे अहम पहलू यह है कि उन्होंने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है। वह कप्तानी से हटने के बाद भी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर उपलब्ध रहने की बात कह चुकी हैं।
उनके शब्दों में, कप्तानी का सफर खत्म हुआ है, लेकिन खेल का सफर जारी है। भारतीय महिला क्रिकेट अब नए कप्तान और नई नेतृत्व व्यवस्था की ओर बढ़ेगा, जबकि हरमनप्रीत का अनुभव टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर महत्वपूर्ण बना रह सकता है।



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