नायब सैनी की अगुवाई में दिल्ली पहुंचेंगे विधायक, अर्चना गुप्ता भी रहेंगी मौजूद; 2 घंटे की बैठक में सरकार और संगठन पर हो सकती है चर्चा
नई दिल्ली: हरियाणा में बीजेपी सरकार बनने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के सभी 48 बीजेपी विधायकों के साथ एक साथ बैठक करेंगे। यह मुलाकात 3 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर होगी। विधायकों की अगुवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता करेंगी। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 48 विधायक हैं।
हरियाणा BJP विधायक PM मोदी बैठक के लिए करीब दो घंटे का समय रखा है। हालांकि, बैठक का कोई औपचारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री विधायकों से हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सरकार की योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया पर सीधे फीडबैक ले सकते हैं।
हरियाणा भवन में लंच, फिर PM आवास जाएंगे विधायक
प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले सभी बीजेपी विधायक दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के साथ लंच करेंगे। इसके बाद विधायक एक साथ प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अलावा हरियाणा सरकार के सभी 13 मंत्री भी मौजूद रहेंगे। इससे बैठक में सरकार और संगठन दोनों स्तरों की भागीदारी रहेगी।
2014 के बाद पहली बार इतने छोटे समूह में PM से मुलाकात
यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2014 में केंद्र और हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद पहली बार हरियाणा बीजेपी के सभी विधायक इतने छोटे और सीधे समूह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संवाद करेंगे। बीजेपी के उचाना से पहली बार विधायक बने देवेंद्र अत्री ने इस मुलाकात को लेकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में लंबे समय तक काम किया है और वह राज्य को अच्छी तरह जानते हैं। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ बातचीत विधायकों के लिए सीखने और अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे रखने का अवसर होगी।
अत्री ने यह भी कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से बातचीत का मौका मिला तो वह अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उनके सामने रखेंगे।
अर्चना गुप्ता ने कहा- जुलाई में ही हुई थी बैठक की बात
हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने इस बैठक को मौजूदा विवादों से अलग बताया है। दिप्रिंट से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जुलाई में ही हरियाणा के सभी बीजेपी विधायकों से मिलने की बात कही थी। गुप्ता के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने 29 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने जल्द ही हरियाणा के सभी बीजेपी विधायकों के साथ बैठक करने की बात कही थी। शुरुआत में यह बैठक सितंबर में प्रस्तावित थी, लेकिन प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे आगे बढ़ाया गया और अब 3 अक्टूबर की तारीख तय हुई है।
SIR को लेकर विपक्ष के हमले के बीच, हरियाणा BJP विधायक PM मोदी बैठक
प्रधानमंत्री और हरियाणा बीजेपी विधायकों की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल बीजेपी पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने बैठक को SIR विवाद से जोड़ने से इनकार किया है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ विधायकों की बैठक पहले से तय प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए बैठक में SIR पर चर्चा होगी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बीजेपी संगठन में भी हालिया बदलाव
हरियाणा बीजेपी में हाल ही में संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव हुए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा बीजेपी का नया प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया की जगह ली है। वहीं लोकसभा सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. भोला सिंह को हरियाणा का सह-प्रभारी बनाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी 3 अक्टूबर की बैठक में शामिल होंगे। स्मृति ईरानी और भोला सिंह को बैठक में बुलाया जाएगा या नहीं, इस बारे में अर्चना गुप्ता ने कहा कि दिल्ली से निमंत्रण भेजे जा रहे हैं।
पंजाब चुनाव से कनेक्शन पर अर्चना गुप्ता ने क्या कहा?
हरियाणा और पंजाब की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बैठक को पंजाब से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने इस बैठक का पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव से कोई संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के विधायक और संगठन के दूसरे पदाधिकारी प्रधानमंत्री मोदी से मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक रहते हैं और यह सभी के लिए प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर है। ऐसे में पंजाब से जुड़े किसी राजनीतिक रोडमैप को बैठक का हिस्सा मानना फिलहाल आधिकारिक रूप से सही नहीं होगा।
क्या विधायकों से लिया जाएगा सरकार के कामकाज का फीडबैक?
बैठक का औपचारिक एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री विधायकों से राज्य की राजनीतिक स्थिति और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर जनता की प्रतिक्रिया जान सकते हैं। यह बैठक सरकार और संगठन के बीच जमीनी फीडबैक को सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का मौका भी हो सकती है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर कितना फोकस रहेगा, इसकी तस्वीर प्रधानमंत्री और विधायकों की बातचीत के बाद ही साफ होगी।


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