भारत ने एशियन गेम्स हॉकी में गोल्ड जीता, हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक; इस जीत से 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी मिला
Asian Games 2026: 3 अक्टूबर। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का खिताब अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में मिली इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफाई कर लिया।
भारत ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। खिताबी मुकाबले में मलेशिया को हराने से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी थी। फाइनल में 5-1 की जीत ने भारत की लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि पर मुहर लगा दी। हॉकी इंडिया ने फाइनल से पहले बताया था कि भारतीय पुरुष टीम के सामने लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतने का ऐतिहासिक मौका था। इससे पहले भारत एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब लगातार दो बार नहीं जीत पाया था
मलेशिया के खिलाफ फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही गोल करने के मौके बनाए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई। मलेशिया ने भी मुकाबले में वापसी की कोशिश की और एक गोल किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए। जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने भी गोल कर टीम की जीत में योगदान दिया। मलेशिया की ओर से शेल्लो सिल्वेरियस ने एक गोल किया। इस तरह भारत ने मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया।
भारत की जीत में आक्रमण के साथ-साथ टीम का सामूहिक प्रदर्शन भी अहम रहा। खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौकों पर गोल करने की क्षमता दिखाई और मलेशिया को मुकाबले में वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया। फाइनल में मिली यह जीत भारतीय पुरुष हॉकी के लिए खास रही, क्योंकि टीम ने पिछली बार के खिताब को बरकरार रखने में सफलता हासिल की।
पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी गोल्ड
एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इससे पहले कई बार स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन लगातार दो संस्करणों में खिताब बचाने की उपलब्धि हासिल नहीं की थी। 2026 में मलेशिया को हराकर भारत ने यह रिकॉर्ड पहली बार बनाया।
इससे पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2023 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस जीत के बाद टीम के सामने 2026 में खिताब बचाने की चुनौती थी। फाइनल तक पहुंचने के दौरान भारतीय टीम ने लगातार जीत दर्ज की और टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान जारी रखा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में मिली इस सफलता ने टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स चैंपियन बनाया। इस उपलब्धि के साथ हरमनप्रीत लगातार दो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष हॉकी कप्तान बने।
ओलंपिक 2028 के लिए भारत ने किया क्वालिफाई
मलेशिया के खिलाफ फाइनल में जीत का महत्व केवल एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं रहा। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को ओलंपिक में सीधे प्रवेश का अवसर मिलता है। भारत ने फाइनल जीतकर यह स्थान सुनिश्चित किया। इससे टीम को ओलंपिक की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है।
भारतीय टीम के लिए यह जीत आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। एशियन गेम्स में खिताब बचाने और ओलंपिक का टिकट हासिल करने से टीम के सामने अब अगले बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का लक्ष्य होगा।
पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंचा था भारत
भारत ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक मुकाबला खेला था। इस मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। मुकाबले में भारत ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन पाकिस्तान ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया था।
मैच के अंतिम चरण में भारत ने निर्णायक गोल कर जीत हासिल की। हॉकी इंडिया के अनुसार, भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में आखिरी समय में गोल करके फाइनल का टिकट पक्का किया था। इस जीत के बाद भारत और मलेशिया के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला तय हुआ।
मलेशिया ने भी सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस तरह खिताबी मुकाबले में दो ऐसी टीमें आमने-सामने थीं, जिन्होंने टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया था। भारत ने फाइनल में 5-1 की जीत के साथ अपना अभियान स्वर्ण पदक पर समाप्त किया।
भारतीय हॉकी के लिए यादगार उपलब्धि
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष हॉकी टीम की जीत भारतीय हॉकी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। टीम ने लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर खिताब बचाने का अपना लक्ष्य पूरा किया। इसके साथ ही ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करना इस अभियान की एक और बड़ी सफलता रही।
इस संस्करण में भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता। महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस तरह 2026 के एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता।
पुरुष टीम की जीत के बाद अब भारतीय हॉकी का ध्यान आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक की तैयारी पर रहेगा। एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतना और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए जगह पक्की करना टीम के अभियान की दो बड़ी उपलब्धियां हैं।



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