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धर्म परिवर्तन की चर्चाओं पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की सफाई, बोले- न जरूरत है, न इरादा

राजकुमार भाटी धर्म परिवर्तन की चर्चाओं पर सफाई देते सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी

लखनऊ/दिल्ली। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने धर्म परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर सफाई दी है। उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें धर्म परिवर्तन करने की न तो आवश्यकता है और न ही ऐसा उनका कोई इरादा है। भाटी ने सभी धर्मों, जातियों, वर्गों और समुदायों का सम्मान करने की बात कही और लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के आधार पर गलतफहमी नहीं पालने की अपील की।

राजकुमार भाटी धर्म परिवर्तन विवाद, के मुताबिक, वह 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। कार्यक्रम के वीडियो सामने आने के बाद उनके धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। 21 अक्टूबर को उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति ने अपना धर्म बदल लिया है।

अंबेडकर भवन के कार्यक्रम के बाद शुरू हुई चर्चा

यह पूरा मामला दिल्ली के अंबेडकर भवन में आयोजित भारतीय बौद्ध महासभा के कार्यक्रम से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर से संबंधित 22 प्रतिज्ञाएं दोहराई गईं। कार्यक्रम के दौरान राजकुमार भाटी के भी प्रतिज्ञाएं पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद उनके धर्म परिवर्तन को लेकर दावे किए जाने लगे।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने कहा कि वह विभिन्न धर्मों और समुदायों के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। उनके अनुसार, उन्हें जहां सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, वह वहां जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति सम्मान रखने का मतलब यह नहीं है कि उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ दिया है।

‘हर धर्म और समुदाय का सम्मान करता हूं’

राजकुमार भाटी ने अपने बयान में कहा कि एक समाजवादी होने के नाते वह प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह सिख समुदाय के आमंत्रण पर गुरुद्वारे में मत्था टेकने जाते हैं, मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और हिंदू धर्म के त्योहारों में भी भाग लेते हैं।

उन्होंने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया। भाटी के मुताबिक, वह भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाने तथा मानवता की सेवा करने में विश्वास रखते हैं।

भाजपा आईटी सेल पर लगाया दुष्प्रचार का आरोप

सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के बाद भाजपा आईटी सेल और कुछ कट्टरपंथी लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर उनके बारे में गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसी चर्चाओं के आधार पर कोई गलतफहमी न पालें।

भाटी का यह आरोप उनके अपने बयान का हिस्सा है। इस संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को अलग से देखना जरूरी है। फिलहाल, भाटी ने सार्वजनिक रूप से धर्म परिवर्तन करने के दावे का खंडन किया है।

गौतम बुद्ध और बाबा साहब के विचारों के प्रति सम्मान

राजकुमार भाटी ने कहा कि गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और बाबा साहब के विचारों का उन पर गहरा प्रभाव है। उनका तर्क है कि मानवता की सेवा और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धर्म परिवर्तन करना आवश्यक नहीं है।

उन्होंने अपने संदेश का समापन ‘जय भीम’ और ‘नमो बुद्धाय’ के साथ किया। उनके बयान के बाद इस मामले में उनकी ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

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