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State · October 26, 2026 · admin

यूपी लघु उद्योग निगम की ‘शिल्पित’ योजना को सैद्धांतिक मंजूरी, ODOP उत्पादों को Amazon से Blinkit तक बेचने की तैयारी

शिल्पित योजना के तहत उत्तर प्रदेश के ODOP उत्पादों की बिक्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम नई विपणन योजना शुरू करने की तैयारी में है। निगम की प्रस्तावित योजना का नाम ‘शिल्पित’ रखा गया है। इसके तहत एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और एक जिला एक व्यंजन (ODOC) से जुड़े उत्पादों को रिटेल स्टोर, ऑनलाइन स्टोर, ई-कॉमर्स वेबसाइटों और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाने की योजना है।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के होटल ताज महल में निगम की 269वीं निदेशक मंडल की बैठक और वार्षिक आमसभा (AGM) आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने की। निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बैठक में ‘शिल्पित’ योजना के प्रस्ताव पर चर्चा हुई और निदेशक मंडल ने इसे सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। योजना को लागू करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

रिटेल स्टोर से शुरू होगा योजना का पहला चरण

निगम की योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पहले चरण यानी पायलट फेज में दो रिटेल स्टोर के माध्यम से ODOP और ODOC उत्पादों की बिक्री शुरू करने का प्रस्ताव है। शुरुआती संचालन से मिलने वाले अनुभव और बिक्री के आंकड़ों के आधार पर आगे विस्तार किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाना है। इससे उन छोटे उद्यमियों को भी अपने उत्पादों की बिक्री के नए माध्यम मिल सकते हैं, जिनकी पहुंच फिलहाल सीमित स्थानीय बाजारों तक है।

निगम के मुताबिक, उसके पास MSME उत्पादों के विपणन का अनुभव है। इसी अनुभव के आधार पर ‘शिल्पित’ ब्रांड के तहत उत्पादों की ब्रांडिंग, कैटलॉगिंग, स्टॉक प्रबंधन और बिक्री व्यवस्था विकसित करने की योजना है।

Amazon, Flipkart, Blinkit और Zepto पर भी बिक्री की तैयारी

प्रस्तावित योजना के तहत उत्पादों को केवल पारंपरिक दुकानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। निगम अपने ऑनलाइन स्टोर के साथ Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तथा Blinkit और Zepto जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उत्पादों की बिक्री की संभावनाएं विकसित करेगा।

योजना के अनुसार, ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर निगम के वेयरहाउस से उत्पाद भेजे जाएंगे। बिक्री की मात्रा और ग्राहकों की मांग के आधार पर नए स्टोर और वेयरहाउस के स्थान तय किए जाएंगे। इसी आधार पर उत्पादों की सूची, उपलब्ध स्टॉक और बिक्री के लिए रखी जाने वाली मात्रा निर्धारित की जाएगी।

हालांकि, इन प्लेटफॉर्म पर बिक्री शुरू होने की निश्चित तारीख, उत्पादों की अंतिम सूची और उपलब्धता संबंधी विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल प्रस्तावित योजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

लखनऊ और कानपुर में पहले वेयरहाउस का प्रस्ताव

‘शिल्पित’ योजना के तहत उत्पादों के भंडारण और वितरण के लिए वेयरहाउस विकसित करने की भी तैयारी है। निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पहले चरण में लखनऊ और कानपुर में वेयरहाउस खोले जाने का प्रस्ताव है। अगले चरण में आगरा और मुरादाबाद को शामिल करने की योजना है।

वेयरहाउस व्यवस्था के जरिए विभिन्न जिलों के उत्पादों को एकत्रित करके उनकी पैकेजिंग, स्टॉक प्रबंधन और वितरण को व्यवस्थित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री के लिए उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

निगम ने बताया कि भविष्य में ‘शिल्पित’ ब्रांड के स्टोर निगम स्वयं संचालित कर सकता है। इसके अलावा निजी ऑपरेटरों को फ्रेंचाइजी मॉडल पर भी स्टोर चलाने का अवसर देने का प्रस्ताव है। ऐसे स्टोरों पर भी निगम के वेयरहाउस से उत्पाद भेजे जाने की योजना है।

उद्यमियों को एक सप्ताह में भुगतान, न बिकने वाला स्टॉक लौटाने का प्रस्ताव

योजना में उत्पाद आपूर्ति करने वाले उद्यमियों के भुगतान और बिना बिके स्टॉक को लेकर भी प्रावधान प्रस्तावित हैं। निगम के अनुसार, उद्यमियों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने और जो स्टॉक नहीं बिक पाएगा, उसे वापस करने की व्यवस्था रखी जाएगी।

यदि यह व्यवस्था प्रस्तावित रूप में लागू होती है, तो छोटे उद्यमियों को भुगतान में लगने वाले समय और बिक्री नहीं होने पर स्टॉक फंसने जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है। हालांकि, भुगतान की समय-सीमा की गणना किस तारीख से होगी, वापसी की शर्तें क्या होंगी और उत्पादों की गुणवत्ता या पैकेजिंग से जुड़े नियम कैसे तय होंगे, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

स्थानीय उत्पादों को बाजार देने पर जोर

ODOP योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जिलों की विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाता है। ‘शिल्पित’ के प्रस्ताव में इसी तरह के उत्पादों के साथ ODOC उत्पादों को भी खुदरा दुकानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बाजार उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

निगम का मानना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री के अलग-अलग माध्यम विकसित होने से MSME उद्यमियों के लिए व्यापार के अवसर बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही उत्पादों की बिक्री के जरिए निगम के लिए आय का नया स्रोत तैयार करने की भी योजना है।

योजना के प्रभाव का आकलन उसके लागू होने, उत्पादों की उपलब्धता, बिक्री के आंकड़ों और उद्यमियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ के आधार पर किया जा सकेगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

निगम की 269वीं निदेशक मंडल की बैठक और AGM में अध्यक्ष राकेश गर्ग के अलावा उपाध्यक्ष नटवर गोयल, निदेशक शिशिर—महामहिम राज्यपाल के प्रतिनिधि, प्रबंध निदेशक रोहित आनंद, निदेशक राजीव कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह और यज्ञेश सिंह मौजूद रहे।

निगम की ओर से वित्त नियंत्रक पवन कुमार, मुख्य अभियंता प्रभात कुमार बाजपेयी, प्रभारी सचिव ए.के. अवस्थी, आकाश सक्सेना (CA), कवलप्रीत सिंह (CS), अभिषेक सिंह और EY के कंसल्टेंट आदित्य तिवारी भी बैठक में शामिल हुए।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम की प्रस्तावित ‘शिल्पित’ योजना का लक्ष्य स्थानीय उत्पादों को रिटेल स्टोर, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना है। निदेशक मंडल से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब योजना के पायलट चरण, वेयरहाउस, स्टोर संचालन और बिक्री व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जानी है।

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