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State · October 1, 2026 · admin

गोरखपुर MLC चुनाव: संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय नामांकन किया, BJP का झंडा उतारते हुए हुए भावुक

गोरखपुर MLC चुनाव में निर्दलीय नामांकन करते डॉ. संजयन त्रिपाठी

टिकट नहीं मिलने के बाद बगावती तेवर, बोले- निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से ठेस पहुंची; ध्रुव त्रिपाठी के खिलाफ मैदान में उतरने का ऐलान

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अब और दिलचस्प हो गया है। भाजपा से टिकट के दावेदार रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने गुरुवार को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के बाद उन्होंने अपनी कार पर लगा भाजपा का झंडा उतार दिया। इस दौरान वह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

संजयन त्रिपाठी के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, नामांकन से पहले उन्होंने गोरखपुर के निपाल क्लब में समर्थकों और शिक्षकों के साथ सभा की और इसके बाद समर्थकों के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि भाजपा ने इस सीट से मौजूदा MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी इस सीट से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं। उनके सामने अब भाजपा से टिकट के दावेदार रहे संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय उतरने से मुकाबले में एक नया राजनीतिक समीकरण जुड़ गया है।

नामांकन के बाद BJP का झंडा उतारा, भावुक हुए संजयन त्रिपाठी

नामांकन दाखिल करने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अपनी कार पर लगा भाजपा का झंडा उतार दिया। झंडा उतारते समय वह भावुक दिखाई दिए। इस दौरान उनके साथ मौजूद समर्थकों ने उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले का समर्थन किया।

संजयन त्रिपाठी ने इससे पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा द्वारा ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने पार्टी के टिकट वितरण पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है।

उनका कहना है कि वर्षों तक संगठन के लिए काम करने वाला कार्यकर्ता इस उम्मीद के साथ मेहनत करता है कि पार्टी कभी उसे भी चुनाव लड़ने का अवसर देगी। संजयन त्रिपाठी ने इसे अपने साथ-साथ उन कार्यकर्ताओं की भी उपेक्षा बताया, जो लंबे समय से भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।

संजयन त्रिपाठी ने क्या कहा?

नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में संजयन त्रिपाठी ने कहा कि एक निष्ठावान कार्यकर्ता की उपेक्षा से सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उन तमाम कार्यकर्ताओं को भी ठेस पहुंची है, जिन्होंने वर्षों तक संगठन के लिए काम किया है।

उन्होंने कहा कि उनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक और समर्थक खड़े हैं। उनके मुताबिक, ये लोग उनके काम और संघर्ष को लंबे समय से देखते आए हैं और इन्हीं के भरोसे उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

संजयन त्रिपाठी ने यह भी कहा कि चुनाव में हार-जीत का जो भी फैसला होगा, वह उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन शिक्षकों और समर्थकों के मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा भी जताया और कहा कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो इसे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की जीत मानेंगे।

उनके राजनीतिक दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग तरीके से नहीं हुई है, इसलिए इन्हें उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

BJP ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को क्यों दिया टिकट?

भाजपा ने 29 सितंबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की छह स्नातक और शिक्षक सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसमें गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया।

ध्रुव कुमार त्रिपाठी इस सीट से लगातार तीन बार MLC निर्वाचित हुए हैं। उपलब्ध चुनावी पृष्ठभूमि के मुताबिक, उन्होंने 2008, 2014 और 2020 में इस सीट से जीत दर्ज की थी। 2020 में भाजपा ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था और ध्रुव त्रिपाठी को शिक्षक संघ शर्मा गुट का समर्थन प्राप्त था। अब 2026 में भाजपा ने उन्हें औपचारिक तौर पर अपना प्रत्याशी बनाया है।

ध्रुव त्रिपाठी मूल रूप से सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं और पेशे से शिक्षक हैं। वह माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस बार शर्मा गुट के 17 जिलाध्यक्षों का समर्थन भी उन्हें मिला है।

ध्रुव त्रिपाठी ने भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कहा है कि शिक्षक हित उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों के हित में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया है।

BJP के फैसले के बाद सामने आए कई दावेदार

भाजपा की ओर से ध्रुव त्रिपाठी के नाम की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर टिकट के अन्य दावेदारों की नाराजगी सामने आई। डॉ. संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया, जबकि भाजपा नेता देशबंधु शुक्ला ने भी टिकट नहीं मिलने पर अपने संगठन के साथ चुनाव लड़ने की बात कही थी।

2020 के चुनाव में ध्रुव त्रिपाठी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे अजय कुमार सिंह ने भी इस बार चुनाव लड़ने की बात कही है। वहीं, समाजवादी पार्टी पहले ही कमलेश यादव को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इसके अलावा अन्य दावेदार भी नामांकन प्रक्रिया में सक्रिय हैं।

इस तरह देखा जाए तो चुनाव मैदान में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा के कमलेश यादव और निर्दलीय संजयन त्रिपाठी समेत कई नाम सामने आ रहे हैं। अंतिम तस्वीर नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट क्यों महत्वपूर्ण?

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों में शामिल है। इस सीट से निर्वाचित वर्तमान MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी रिक्ति को भरने के लिए चुनाव कराया जा रहा है।

इस चुनाव में सामान्य विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं करते, बल्कि संबंधित शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में शामिल पात्र शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। गोरखपुर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर इस निर्वाचन क्षेत्र की 2026 की अंतिम निर्वाचक नामावली भी उपलब्ध कराई गई है।

यही वजह है कि इस चुनाव में शिक्षक संगठनों, शिक्षक नेताओं और शिक्षक समुदाय के मुद्दों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा परिणाम

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम पहले ही घोषित किया जा चुका है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी हुई, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है।

इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा।

27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी की जानी है।

नामांकन स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम

गोरखपुर में नामांकन प्रक्रिया आयुक्त न्यायालय में रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह की देखरेख में चल रही है। नामांकन स्थल पर प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों के प्रवेश के लिए निर्धारित व्यवस्था की गई है।

नामांकन कक्ष के अंदर और बाहर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जांच के बाद ही प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों को नामांकन कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है। नामांकन की प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक जारी रहेगी।

अब किस ओर जाएगा चुनावी मुकाबला?

संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर मुकाबले के समीकरण बदल गए हैं। हालांकि अभी नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और नाम वापसी की तारीख भी बाकी है, इसलिए अंतिम उम्मीदवारों की संख्या और चुनावी तस्वीर 9 अक्टूबर के बाद स्पष्ट होगी।

फिलहाल इतना तय है कि भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने भाजपा से टिकट के दावेदार रहे संजयन त्रिपाठी का निर्दलीय उतरना इस चुनाव की प्रमुख घटनाओं में शामिल हो गया है। दूसरी ओर सपा के कमलेश यादव और अन्य संभावित उम्मीदवार भी मैदान में हैं। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और 23 अक्टूबर के मतदान पर रहेंगी।

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