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State · October 24, 2026 · admin

अमेठी में 250 हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 148 हेक्टेयर भूमि की प्रक्रिया पूरी

अमेठी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र, शेष 102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की तैयारी; डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण

अमेठी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 250 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। परियोजना के पहले चरण में 148 हेक्टेयर भूमि के क्रय एवं अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब शेष 102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना से जिले में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए शुकुल बाजार विकासखंड के ऊंचगांव और सेवरा गांव के निकट एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन संख्या 58 के आसपास का क्षेत्र निर्धारित किया गया है। एक्सप्रेसवे से संपर्क होने के कारण यह स्थान औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र

अमेठी में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उद्देश्य नए उद्योगों को आकर्षित करना और जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। एक्सप्रेसवे के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से भविष्य में उद्योगों को सड़क मार्ग से आवागमन और माल की ढुलाई में सुविधा मिलने की संभावना है।

परियोजना के लिए करीब 250 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। प्रशासन के मुताबिक, पहले चरण में 148 हेक्टेयर भूमि के क्रय एवं अधिग्रहण से संबंधित कार्रवाई पूरी हो चुकी है। शेष 102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

इस तरह परियोजना के लिए निर्धारित कुल भूमि में से पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अब शेष भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। भूमि से जुड़ी कार्रवाई पूरी होने और आगे के विकास कार्यों के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार हो सकेगा।

डीएम शशांक चौधरी और एसपी सरवणन टी ने किया निरीक्षण

प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति और भूमि संबंधी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने परियोजना स्थल की स्थिति और भूमि से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भूमि से संबंधित कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़ी आवश्यक कार्यवाहियों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। प्रशासनिक स्तर पर निरीक्षण का उद्देश्य परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और आगे की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना रहा।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना नीतेश राज, तहसीलदार राहुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

250 हेक्टेयर परियोजना में 148 हेक्टेयर भूमि की प्रक्रिया पूरी

जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने बताया कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रथम चरण में 148 हेक्टेयर भूमि के क्रय एवं अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। परियोजना के दूसरे चरण में शेष 102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है।

कुल प्रस्तावित 250 हेक्टेयर भूमि में शेष हिस्से की प्रक्रिया पूरी होना परियोजना के अगले चरणों के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए भूमि से जुड़ी कार्रवाई प्रमुख चरण में है। औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और उनके संचालन की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद परियोजना की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।

उद्योगों के साथ लॉजिस्टिक्स और सहायक कारोबार को मिल सकती है गति

प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होने से अमेठी में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने पर उनके साथ परिवहन, माल ढुलाई, भंडारण और लॉजिस्टिक्स जैसी सहायक सेवाओं की मांग भी विकसित हो सकती है।

ऐसी गतिविधियों से स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं के लिए जिले और आसपास के क्षेत्रों में काम के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या और निवेश का स्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि भविष्य में कितनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित होती हैं और वे कब अपना संचालन शुरू करती हैं।

निवेश और औद्योगिक विकास के लिए आधार तैयार करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की नीतियों के संदर्भ में अमेठी का प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर महत्वपूर्ण परियोजना है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने से जिले को नए उद्योगों के लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने की संभावनाएं बन सकती हैं।

परियोजना के जरिए स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए अनुकूल स्थान विकसित करने की योजना है। फिलहाल 148 हेक्टेयर भूमि के क्रय एवं अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने और शेष 102 हेक्टेयर भूमि की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी के बीच प्रशासन का जोर परियोजना से संबंधित कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर है।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का वास्तविक आर्थिक प्रभाव इसके विकास, निवेशकों की भागीदारी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद सामने आएगा। अभी परियोजना से रोजगार और कारोबार बढ़ने की उम्मीद है, जबकि निवेश की मात्रा, स्थापित होने वाली इकाइयों की संख्या और रोजगार के आंकड़ों की पुष्टि आगे की जानकारी के आधार पर ही हो सकेगी।

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