फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 2026: दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों की तैयारी तेज कर दी है। लखनऊ होकर मुंबई जाने वाली दो जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें भी अक्टूबर से चलेंगी।
त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही घर जाने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ने लगी है। दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान दिल्ली, मुंबई और दूसरे बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। इसका असर अभी से नियमित ट्रेनों की बुकिंग पर दिखाई दे रहा है और कई रूटों पर वेटिंग लिस्ट बढ़ रही है।
इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 18 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अतिरिक्त ट्रेनों से करीब 32 हजार वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त ट्रेनों को दिल्ली, मुंबई, बिहार, बंगाल, चंडीगढ़, पटना, जयपुर और देहरादून समेत कई प्रमुख रूटों पर चलाने की तैयारी है।
लखनऊ होकर मुंबई के लिए दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें
उत्तर रेलवे ने लखनऊ होकर मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक जाने वाली दो जोड़ी आरक्षितफेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 2026 की घोषणा की है।
सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 04212 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी। यह ट्रेन सुल्तानपुर से सुबह 4 बजे रवाना होकर सुबह 6:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी और इसके बाद कानपुर सेंट्रल, उरई, झांसी, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, इगतपुरी, कल्याण और ठाणे होते हुए अगले दिन दोपहर 2 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
इसकी वापसी ट्रेन 04211 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलेगी। यह ट्रेन मुंबई से दोपहर 3 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 8:50 बजे लखनऊ और रात 11 बजे सुल्तानपुर पहुंचेगी।
वाराणसी से भी मुंबई के लिए स्पेशल ट्रेन
दूसरी जोड़ी 04226/04225 वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल है। वाराणसी से यह ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी, जबकि मुंबई से वापसी सेवा 23 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होगी।
यह ट्रेन वाराणसी से चलकर जौनपुर सिटी, सुल्तानपुर और लखनऊ होते हुए मुंबई पहुंचेगी। इससे पूर्वांचल के यात्रियों को भी मुंबई आने-जाने में अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
किन यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद?
त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा दबाव उन रूटों पर रहता है जहां दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से बड़ी संख्या में लोग अपने गृह जनपदों की ओर लौटते हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, गोरखपुर, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म टिकट हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसी तरह बिहार और बंगाल जाने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ जाती है।
रेलवे की ओर से अलग-अलग रूटों पर स्पेशल ट्रेनों और अतिरिक्त फेरों की व्यवस्था किए जाने से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
त्योहारों में क्यों बढ़ जाती है ट्रेनों में भीड़?
दशहरा, दीपावली और छठ के आसपास देश के बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। खासकर दिल्ली, मुंबई और अन्य औद्योगिक शहरों में काम करने वाले लोग त्योहारों पर अपने परिवार के पास लौटते हैं।
इसके चलते सामान्य ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ जाती है और कई ट्रेनों में बुकिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही लंबी वेटिंग दिखाई देने लगती है।
ऐसे में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराती हैं। हालांकि, किसी ट्रेन में सीट की उपलब्धता और टिकट का कंफर्म होना बुकिंग की स्थिति पर निर्भर करेगा।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
अगर आप दशहरा, दीपावली या छठ के दौरान यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं तो ट्रेन नंबर, तारीख, रूट और उपलब्ध सीट की स्थिति टिकट बुक करने से पहले जरूर जांच लें। रेलवे द्वारा घोषित स्पेशल ट्रेनों के समय और ठहराव में बदलाव होने की स्थिति में यात्रा से पहले आधिकारिक रेलवे/IRCTC जानकारी देखना बेहतर रहेगा।



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