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State · October 24, 2026 · admin

आजमगढ़ के डॉ. पवन कुमार को सातवें राष्ट्रीय जल प्रहरी सम्मान से नवाजा गया, जनता और कार्यकर्ताओं को समर्पित की उपलब्धि

डॉ. पवन कुमार जल प्रहरी सम्मान 2026

आजमगढ़, 24 अक्टूबर 2026। जल एवं नदी संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के लिए आजमगढ़ के डॉ. पवन कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित विश्व युवक केंद्र में 23 अक्टूबर को आयोजित सातवें जल प्रहरी सम्मान समारोह-2026 में उन्हें जल संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। इसे आजमगढ़ के लिए पहला जल प्रहरी सम्मान बताया गया है। डॉ. पवन कुमार जल प्रहरी सम्मान मिलने के बाद कहा- इस उपलब्धि को आजमगढ़ की जनता, लोक दायित्व और जल संरक्षण के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को समर्पित किया।

यह सम्मान जलवायु अनुकूलन न्यास की ओर से दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यास को नीति आयोग, भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है। समारोह के संयोजक अनिल सिंह सागर रहे, जबकि जल प्रहरी निर्णायक मंडल की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने की।

देशभर के 31 जल संरक्षकों को मिला सम्मान

सातवें राष्ट्रीय जल प्रहरी सम्मान समारोह-2026 में देशभर के लगभग 31 जल संरक्षण कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश से छह लोगों का चयन हुआ। इनमें अजय क्रांतिकारी, अक्षय नायक, आरजे डॉ. मीनू खरे (लखनऊ), डॉ. पवन कुमार, संदीप चौधरी और संजय कुमार शामिल हैं।

इन लोगों को जल संरक्षण, नदियों और तालाबों की रक्षा तथा समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देने के उद्देश्य से आयोजित यह समारोह स्थानीय स्तर पर चल रही पहलों को व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम बना।

डॉ. पवन कुमार को मिला सम्मान आजमगढ़ में जल संरक्षण और नदी बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से जुड़ा है। इस उपलब्धि से जिले में जलस्रोतों के संरक्षण के लिए काम कर रहे लोगों के योगदान को भी पहचान मिली है।

आजमगढ़ की जनता और समर्पित कार्यकर्ताओं को उपलब्धि समर्पित

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पवन कुमार ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने सम्मान को आजमगढ़ की जनता, लोक दायित्व और जल संरक्षण के लिए काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को समर्पित किया।

उनका कहना था कि नदियों को बचाने और जल के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए अनेक लोगों ने मिलकर काम किया है। ऐसे प्रयासों को किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। जल संरक्षण के लिए जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

डॉ. पवन कुमार ने नदी संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए गांवों, युवाओं, विद्यालयों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार, जल संरक्षण को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है, ताकि नदियों और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों को सुरक्षित रखने के प्रयास लगातार जारी रह सकें।

मूल सरयू बचाओ अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान

डॉ. पवन कुमार और लोक दायित्व की गतिविधियों में मूल सरयू बचाओ अभियान सहित नदी संरक्षण, जल जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े प्रयास शामिल रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से लोगों को नदियों और स्थानीय जलस्रोतों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

नदी संरक्षण के लिए केवल अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है। जलस्रोतों की नियमित देखभाल, प्रदूषण पर रोक लगाने के प्रयास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी जरूरी है। जल संरक्षण की पहल तभी लंबे समय तक प्रभावी रह सकती है, जब लोग अपने आसपास मौजूद नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।

मूल सरयू बचाओ अभियान जैसे प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि नदियां स्थानीय जीवन, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण से जुड़ी होती हैं। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ जलस्रोतों की सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बनाना ऐसे अभियानों का महत्वपूर्ण पक्ष है।

डॉ. पवन कुमार को मिला सम्मान आजमगढ़ में चल रहे इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, जल संरक्षण की वास्तविक सफलता के लिए ऐसे अभियानों को लगातार आगे बढ़ाना और लोगों की भागीदारी बनाए रखना आवश्यक होगा।

समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, भाजपा सांसद अरुण सिंह, पर्यावरण गतिविधि प्रमुख गोपाल आर्य तथा जल संरक्षण कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह और उमाशंकर पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

जल प्रहरी सम्मान का उद्देश्य जल संरक्षण, पारंपरिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को पहचान देना है। इस आयोजन के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों और उनमें नागरिकों की भूमिका को सामने लाने का अवसर मिलता है।

आजमगढ़ के डॉ. पवन कुमार को मिला सातवां राष्ट्रीय जल प्रहरी सम्मान जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस सम्मान को जनता और कार्यकर्ताओं को समर्पित करके सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसे प्रयासों की निरंतरता ही नदियों और जलस्रोतों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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