लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), लखनऊ शाखा के वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में चिकित्सा सेवा, संगठनात्मक सहयोग और सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले लगभग 90 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इनमें आठ चिकित्सकों को विभिन्न श्रेणियों में विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना और डॉक्टरों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया।

IMA लखनऊ वार्षिक समारोह में आईएमए भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों का ज्ञान, सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता लोगों को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चिकित्सकों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनका सम्मान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज तथा सरकार की जिम्मेदारी है।
आठ चिकित्सकों को विशेष पुरस्कार
आईएमए लखनऊ के वार्षिक समारोह में चिकित्सा सेवा, संगठनात्मक सहयोग और सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए लगभग 90 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इनमें आठ डॉक्टरों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।
विशेष पुरस्कार प्राप्त करने वाले चिकित्सकों में डॉ. अर्चिका गुप्ता, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. सीमा मेहरोत्रा, डॉ. शिप्रा नाथ, डॉ. सुधा सिंह और डॉ. वंदना सोलंकी शामिल हैं।
समारोह में आईएमए लखनऊ की मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने संगठन की वर्षभर की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने वाले चिकित्सकों के कार्यों को सम्मानित किया गया।

आईएमए की शाखाएं चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों को एक मंच प्रदान करने के साथ चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक संवाद और सामाजिक स्वास्थ्य गतिविधियों में भागीदारी करती हैं। लखनऊ शाखा के वार्षिक समारोह में भी चिकित्सकों के योगदान और संगठन की गतिविधियों को प्रमुखता दी गई।
आयुष्मान भारत से स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक बनाने के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को पात्र परिवारों के उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा के विस्तार का भी जिक्र किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों को उपचार संबंधी आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सुविधा मिलती है। योजना का लाभ पात्रता, स्वीकृत उपचार और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार उपलब्ध होता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के संदर्भ में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों को अपने क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुलता है।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत की स्वदेशी वैक्सीन, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, महामारी के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में वैज्ञानिक क्षमता और चिकित्सा संसाधनों का महत्व सामने आया।
प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार अस्पतालों की उपलब्धता के साथ प्रशिक्षित चिकित्सकों, चिकित्सा उपकरणों, जांच सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता से भी जुड़ा है। ऐसे में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
चिकित्सकों की सुरक्षा और अस्पतालों की समस्याओं पर चर्चा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों को निर्भीक होकर काम करने के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों के साथ धमकी, दबाव या अनुचित व्यवहार को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने अस्पतालों के संचालन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, आवश्यक अनुमतियों और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा संस्थानों को निर्धारित मानकों और मरीजों के हितों का ध्यान रखना चाहिए।
चिकित्सकों की सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सुरक्षित कार्यस्थल मिलने से डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के उपचार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। वहीं, अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, उचित व्यवहार और निर्धारित चिकित्सा मानकों का पालन भी आवश्यक है।
ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर से लेकर CPR प्रशिक्षण तक आईएमए की गतिविधियां
केशव प्रसाद मौर्य ने आईएमए लखनऊ की ओर से चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ व्याख्यान, ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, सीपीआर प्रशिक्षण, कैंसर जागरूकता और चिकित्सक कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इन गतिविधियों का उद्देश्य चिकित्सा संबंधी जानकारी का प्रसार करने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक सेवाएं पहुंचाने में योगदान देना है। ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने का अवसर मिलता है, जबकि सीपीआर प्रशिक्षण आपात स्थिति में जीवनरक्षक सहायता के बारे में जागरूकता बढ़ाने में उपयोगी होता है।
उप मुख्यमंत्री ने “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संपूर्ण मानवता के कल्याण की भावना को व्यक्त करता है। उन्होंने चिकित्सकों से इसी सेवा भावना के साथ जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में चिकित्सा जगत के कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
आईएमए लखनऊ के वार्षिक समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना, मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, वरिष्ठ चिकित्सक, संगठन के पदाधिकारी और सदस्य चिकित्सक अपने परिजनों के साथ शामिल हुए।
समारोह में चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक स्वास्थ्य गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। लगभग 90 चिकित्सकों का सम्मान और आठ विशेष पुरस्कार कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
आईएमए लखनऊ का यह वार्षिक आयोजन चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के योगदान को पहचान देने का अवसर बना। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश भी चर्चा के केंद्र में रहे।



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