जिउतिया पर्व से पहले आसचौरा गांव में फूड पॉइजनिंग की आशंका, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर जाना मरीजों का हाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह क्षेत्र के आसचौरा गांव में जिउतिया पर्व की तैयारी के बीच मडुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और शरीर में झटके जैसी शिकायतों के बाद महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआत में कई मरीजों को बांसडीह सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती महिलाओं का हाल जाना। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं।
37 महिलाएं जिला अस्पताल में भर्ती, 2 की हालत नाजुक
प्रशासन की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अब तक 37 व्रती महिलाएं जिला अस्पताल में भर्ती हैं। सभी बलिया मडुआ की रोटी से फूड पॉइजनिंग से बीमार हैं, इनमें दो बुजुर्ग महिलाओं की हालत नाजुक बताई जा रही है। मरीजों का चिकित्सकीय उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की निगरानी कर रही है। जिला बलिया की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेंद्र सिंह को वर्तमान जिलाधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।

बलिया मडुआ की रोटी से फूड पॉइजनिंग
रिपोर्टों के अनुसार, जिउतिया व्रत की तैयारी के दौरान महिलाओं ने मडुआ के आटे से लिट्टी-रोटी तैयार कर खाई थी। इसके कुछ समय बाद अलग-अलग घरों में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार लोगों में उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और शरीर में झटके जैसी शिकायतें सामने आईं। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी मडुआ के आटे से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है, लेकिन इसे अंतिम कारण नहीं माना गया है।
जांच के लिए मेडिकल टीम गांव रवाना
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजा गया है। टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि बीमारी की वजह क्या रही और खाने में इस्तेमाल किए गए मडुआ के आटे या अन्य सामग्री में कोई समस्या थी या नहीं। प्रशासन की ओर से खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाने और उनकी जांच कराए जाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

दोषी पाए जाने पर दुकानदारों पर होगी कार्रवाई
मामले में जिस दुकान से मडुआ का आटा खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है, उसकी भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने संकेत दिया है कि जांच में यदि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में गड़बड़ी या किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का फोकस मरीजों के इलाज और बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाने पर है।
फूड पॉइजनिंग की पुष्टि जांच के बाद होगी
एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने के कारण प्रथम दृष्टया खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी इसे अंतिम रूप से फूड पॉइजनिंग कहना जल्दबाजी होगी। स्वास्थ्य विभाग की जांच, खाद्य पदार्थों के नमूने और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि बीमारी किस वजह से हुई।


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