मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक व शहरी क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले मोदीनगर में विकास की रफ्तार और बुनियादी सुविधाओं के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है। सड़कों के निर्माण से लेकर स्वास्थ्य, महिला शिक्षा और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार तक, मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं।
इस विकास एजेंडे का नेतृत्व कर रही हैं भाजपा विधायक डॉ. मंजू शिवाच। पेशे से डॉक्टर रहीं डॉ. शिवाच ने 2017 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता था और 2022 में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रत्याशी को 34,619 वोटों से हराकर दोबारा मोदीनगर की जनता का विश्वास हासिल किया। ‘द पब्लिक लेंस’ (The Public Lens) की विशेष श्रृंखला में विधायक डॉ. मंजू शिवाच से क्षेत्र के विकास, प्राथमिकताओं और भावी विजन पर हुई खास बातचीत:
जनसेवा और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकास का सही अर्थ
क्षेत्र में विकास की परिभाषा और अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए विधायक डॉ. मंजू शिवाच ने स्पष्ट किया कि विकास का वास्तविक असर आम नागरिक के रोजमर्रा के जीवन में दिखना चाहिए।
मेरे लिए विकास का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाएं नहीं हैं। विकास तब सही मायनों में दिखाई देता है जब आम आदमी का जीवन आसान हो। अगर गांव की सड़क ठीक होती है तो किसान को मंडी पहुंचने में आसानी होती है, कॉलोनी में नाली बनने से जलभराव थमता है और स्थानीय स्तर पर कॉलेज बनने से बेटियों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं भटकना पड़ता। हमारी प्राथमिकता बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जमीनी जरूरतों को पूरा करने की है।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और बेहतर सड़क नेटवर्क पर जोर
एनसीआर का हिस्सा होने के कारण मोदीनगर पर दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ की कनेक्टिविटी का सीधा असर पड़ता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और बढ़ते शहरीकरण के बीच क्षेत्र में ट्रैफिक व परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना एक प्रमुख मुद्दा है।
सड़क व ट्रैफिक प्रबंधन पर अपनी योजना साझा करते हुए उन्होंने बताया कि केवल सड़कें बना देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी क्षमता, जलनिकासी व्यवस्था और अंदरूनी कॉलोनियों व गांवों की कनेक्टिविटी पर एक साथ काम करना जरूरी है। आने वाला समय मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का है, इसलिए मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाकर मोदीनगर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

डॉक्टर से जनप्रतिनिधि तक: चिकित्सा अनुभव से जनसेवा की राह
उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में एमबीबीएस (MBBS) और डीजीओ (DGO) की डिग्री धारक डॉ. मंजू शिवाच का मानना है कि उनका चिकित्सीय अनुभव राजनीति और जनप्रतिनिधित्व के काम में बेहद मददगार साबित होता है।
चिकित्सा क्षेत्र ने मुझे सबसे पहले धैर्यपूर्वक सुनना सिखाया। मरीज जब अपनी पीड़ा लेकर आता है, तो डॉक्टर का पहला काम उसे सुनना और सही समाधान देना होता है। ठीक यही भूमिका एक जनप्रतिनिधि की भी है-जनता की समस्याओं को सुनना, उन्हें संबंधित प्रशासनिक विभागों तक पहुंचाना और उनका समाधान कराना ही वास्तविक जनसेवा है।
महिला शिक्षा और सांस्कृतिक धरोहर का विकास
क्षेत्रीय प्राथमिकताओं में महिला शिक्षा और स्थानीय आस्था के केंद्रों का सुंदरीकरण भी शामिल है। विधायक ने स्पष्ट किया कि बेटियों के लिए स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है ताकि उन्हें मजबूरी में पढ़ाई न छोड़नी पड़े।
इसके साथ ही, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के तहत सीकरी खुर्द स्थित प्रसिद्ध महामाता देवी मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण व हॉल निर्माण और निवाड़ी चुकाय वाली माता मंदिर का सुंदरीकरण कार्य कराया गया है। उनका मानना है कि आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर चलना ही संतुलित विकास का मॉडल है।
विकास यात्रा के मुख्य बिंदु
- राजनीतिक सफर: 2017 में पहली बार मोदीनगर से विधायक चुनी गईं; 2022 में 34,619 वोटों के अंतर से दोबारा जीत दर्ज की।
- स्वास्थ्य एवं सामाजिक रुचि: ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन और महिला-बाल शिक्षा को प्रोत्साहन।
- कनेक्टिविटी विजन: एनसीआर (NCR) के औद्योगिक और आवासीय विकास को ध्यान में रखते हुए मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और मजबूत रोड नेटवर्क।
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्य: सीकरी महामाया मंदिर और निवाड़ी चुकाय वाली माता मंदिर का सौंदर्यीकरण।
आगामी समय के लिए अपने विजन पर बात करते हुए डॉ. मंजू शिवाच ने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसा मोदीनगर बनाना है जहां विकास किसी एक हिस्से तक सीमित न रहकर गांव, कस्बे और शहरी कॉलोनियों तक समान रूप से पहुंचे।


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